रेवाड़ी। गांव तिगरा-गुजरवास निवासी पूर्व रेलवे कर्मचारी सुशांत (32) का शव शनिवार की सुबह नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों ने परिजनों को सांत्वना दी और अंतिम संस्कार करवाया। परिजनों के सामने अब सुशांत पर चढ़े कर्ज को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
परिवार के सदस्यों को यह चिंता सता रही है कि उसके जाने के बाद कर्ज कैसे चुकाया जाएगा। वहीं बच्चों की परवरिश और उनके भविष्य की जिम्मेदारी भी परिवार के सामने बड़ी चुनौती बन गई है। घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सुशांत कुछ समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। ग्रामीणों के अनुसार उस पर काफी कर्ज हो गया था। आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते उसकी करीब एक एकड़ कृषि भूमि भी बिक चुकी थी। वह शराब और जुए का आदी भी बताया जा रहा है।
सुशांत शादीशुदा था और उसके दो भाई हैं। उसका पांच वर्षीय बेटा भी है। पिछले कुछ समय से उसकी पत्नी के साथ अनबन चल रही थी। इस कारण वह परेशान रहता था। बीते दिनों उसकी परिवार से अनबन हुई थी, जिसके बाद वह रेवाड़ी होटल में रहने लगा था। उसके पास कोई स्थानीय नौकरी नहीं थी।
सुशांत पांच अक्तूबर को घर से निकला था। इसके बाद वह पिछले पांच दिनों से रेवाड़ी के अनिल होटल में अकेले ठहरा हुआ था। शनिवार को उसका शव मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की और नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। शहर थाना प्रभारी सूबे सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर व परिजनों के बयान दर्ज कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने सामान्य कार्रवाई की है।