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Rewari News: मुसीबतों का सफर तय कर पहुंची बहनें, भाइयों को बांधी राखी

Fri, 28 Aug 2026 11:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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बस पकड़ने के लिए जुटी महिलाओं की भीड़। संवाद - फोटो : दीक्षा महोत्सव कार्यक्रम में विजयी प्रतिभागी। स्रोत मंदिर प्रशासन
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रेवाड़ी। रक्षाबंधन पर बसों में मुफ्त सफर की सौगात का महिलाओं ने खूब लाभ उठाया। बड़ी संख्या में बहनें भाइयों के घर जाने के लिए बस स्टैंड पहुंची। यहां बसों के आते ही उसपर सवार होने के लिए महिलाओं में होड़ लग जा रही थी। भीड़ के चलते कई महिलाएं बसों में सवार नहीं हो पाई और निजी साधनों से उन्हें यात्रा करनी पड़ी। वहीं, तमाम महिलाओं को बसों में खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। ट्रेनों में भी भीड़ रही।
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निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दिए जाने के कारण शुक्रवार को बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ के चलते अव्यवस्थाओं का आलम रहा। बसों में अधिक भीड़ के चलते महिलाओं को बस में चढ़ने के लिए संघर्ष करना पड़ा। किसी तरह बस में चढ़ने के बाद बैठने के लिए सीट नहीं मिली।
ट्रेनों में भी यही स्थिति देखने को मिली। गुरुग्राम और दिल्ली जाने वाली बसों के साथ नारनौल, कनीना, महेंद्रगढ़ और कोसली रूट पर भी पूरे दिन यही स्थिति बनी रही।
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बस स्टैंड पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस की टीमें तैनात की गई थीं लेकिन भीड़ इतनी अधिक रही कि महिलाओं को बसों में चढ़ने में विशेष राहत नहीं मिल सकी। बस आते ही यात्री उसे भर देते थे और पुरुष पहले चढ़ जाते थे। ऐसे में महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाली महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हुई।
रोडवेज प्रशासन की ओर से अतिरिक्त बसें चलाने की बात कही गई थी, लेकिन यात्रियों की संख्या के आगे व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं। ग्रामीण और शहरी दोनों रूटों पर बसें खचाखच भरी नजर आईं। बस स्टैंड पर महिलाएं लंबे समय तक बसों का इंतजार करती रहीं। शनिवार से रक्षाबंधन की निशुल्क बस सेवा समाप्त हो जाएगी।

निजी बसों में किराया लेने की शिकायत के बाद कराया अनाउंसमेंट
निशुल्क बस यात्रा सुविधा वीरवार की दोपहर 12 बजे से शुरू हुई थी। इसके बाद निजी बसों में महिलाओं से किराया वसूलने की शिकायतें सामने आईं। इसको देखते हुए शुक्रवार को बस स्टैंड पर लगातार अनाउंसमेंट करवाकर महिलाओं को बताया गया कि निजी बसों में उनकी यात्रा निशुल्क है और उन्हें किराया नहीं देना है। हालांकि, बस स्टैंड के बाहर से संचालित हो रही कुछ बसों में महिलाओं से किराया लिया गया। वहीं, बस स्टैंड के अंदर से चल रही बसों में किराया लिए जाने की शिकायत नहीं मिली।

बसों में भीड़ के चलते परेशान हुईं महिलाएं
यात्री सुनीता ने बताया कि उन्हें महेंद्रगढ़ जाना है। बस आते ही इतनी भीड़ हो जा रही थी जिससे उसमें चढ़ना मुश्किल हो रहा है। उनके साथ दो बच्चे हैं। ऐसे में बच्चों को लेकर बस में चढ़ना और भी कठिन हो रहा है।
मनीषा ने बताया कि कनीना जाने के लिए बस स्टैंड पहुंची थीं। वह करीब एक घंटे से बस का इंतजार कर रही हैं, लेकिन बस नहीं मिल पा रही है। भीड़ के कारण काफी परेशानी हो रही है।
रजनी ने बताया कि उन्हें गुरुग्राम जाना है लेकिन बस ही नहीं मिल पा रही। एक सरकारी बस आई थी, उसमें इतनी अधिक भीड़ थी कि चढ़ने का मौका तक नहीं मिला। अब दूसरी बस का इंतजार कर रही हैं।

जनरल टिकट लेकर आरक्षित डिब्बों में करना पड़ा सफर
रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर भी रक्षा बंधन के चलते यात्रियों की भारी भीड़ रही। जनरल डिब्बों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। भीड़ के कारण कई महिलाओं को जनरल टिकट लेकर आरक्षित डिब्बों में सफर करना पड़ा। प्लेटफॉर्म पर भी यात्रियों की संख्या अधिक रही। ट्रेनों के आते ही चढ़ने के लिए यात्रियों में धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी रही। महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

रोडवेज का राजस्व बढ़ा
रोडवेज डिपो को लगभग 16 से 17 लाख रुपये की रोजाना आय होती है। रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए यात्रा भले ही पूरी तरह निशुल्क रही हो, लेकिन लंबे रूटों पर पुरुष यात्रियों और अन्य सवारियों की भारी भीड़ रही। इसके चलते रोडवेज की कमाई पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा, बल्कि इस रक्षाबंधन पर डिपो का राजस्व बढ़कर 18 से 19 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

बस पकड़ने के लिए जुटी महिलाओं की भीड़। संवाद- फोटो : दीक्षा महोत्सव कार्यक्रम में विजयी प्रतिभागी। स्रोत मंदिर प्रशासन

बस पकड़ने के लिए जुटी महिलाओं की भीड़। संवाद- फोटो : दीक्षा महोत्सव कार्यक्रम में विजयी प्रतिभागी। स्रोत मंदिर प्रशासन

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