संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) रोहतक प्रशासन ने कोर्ट केस के बाद ग्रेजुएशन की अंकतालिका में दर्ज छात्रा मनीषा का गलत नाम 15 वर्ष बाद ठीक किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संशोधित अंकतालिकाएं जारी कर दीं।
सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश चंद ने बताया कि मनीषा ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से वर्ष 2007 में दसवीं और वर्ष 2009 में बारहवीं की परीक्षा पास की थी। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय बावल में बैचलर ऑफ आर्ट्स प्रथम वर्ष में दाखिला लिया। उस समय मनीषा ने कॉलेज में दसवीं व बारहवीं की अंकतालिकाएं जमा कराते हुए अपना नाम स्पष्ट रूप से मनीषा दर्ज कराया था।
ग्रेजुएशन की अंकतालिका प्राप्त होने पर मनीषा को पता चला कि यूनिवर्सिटी ने उनका नाम मनीषा देवी अंकित कर दिया है। यही गलती द्वितीय और तृतीय वर्ष की अंकतालिकाओं में भी दोहराई गई। इस पर मनीषा ने कॉलेज प्रशासन से शिकायत की, लेकिन नाम दुरुस्त कराने का आश्वासन मिलने के बावजूद वर्षों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नाम में त्रुटि होने के कारण मनीषा रोजगार के लिए आवेदन तक नहीं कर पाईं और उन्हें मानसिक व सामाजिक परेशानी झेलनी पड़ी। कई बार यूनिवर्सिटी के चक्कर लगाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
आखिरकार फरवरी 2025 में मनीषा ने रेवाड़ी न्यायालय में केस दायर कर यूनिवर्सिटी को सम्मन जारी करवाए। कोर्ट का नोटिस मिलते ही एमडीयू ने दसवीं और बारहवीं की अंकतालिकाओं के आधार पर नाम ठीक कर नई ग्रेजुएशन अंकतालिकाएं जारी कर दीं।