रेवाड़ी। सरकारी सिस्टम की सुस्ती का आलम यह है कि जमीन अधिग्रहण के 11 साल बाद शहर के अंसल टाउनशिप से लेकर उत्तम नगर के बीच प्रस्तावित सेक्टर-20 व 21 अब धरातल पर उतरते दिख रहे हैं। सेक्टर-20 जहां पूरा विकसित होना है, वहीं 21 के कुछ हिस्से में ही प्लॉटों का आवंटन हो पाएगा।
पुराने प्रस्ताव के तहत दोनों सेक्टर में 2500 प्लॉटों का आवंटन किया जाना था। लेकिन हीलाहवाली के चलते और कुुछ मामले कोर्ट में होने के कारण अब महज 1000 प्लॉटों का आवंटन भी ड्रा की बजाय बोली के माध्यम से किया जाएगा। डिमार्केशन सहित अन्य सभी कार्यवाही के बाद इन सेक्टरों में सड़क निर्माण, सीवर व पेयजल पाइपलाइन डालने का एस्टिमेट बनाकर चंडीगढ़ भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही फाइल पास होने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। बता दें कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के ढुलमुल रवैये के चलते इन दो सेक्टर की प्रस्तावित जगहों पर कई कॉलोनी विकसित हो चुकी हैं। ऐसे में अब अधिकतर प्लॉट का आवंटन सेक्टर-20 में ही किया जाना है। जमीन का अधिग्रहण 2010 में ही पूर्व की भूपेंद्र हुड्डा सरकार में हुआ था।
1500 प्लॉटों पर अभी भी संशय
करीब एक साल पहले एचएसवीपी प्रशासक ने रेवाड़ी एस्टेट ऑफिसर और टीसीपी डिपार्टमेंट के डीटीपी को दिशा-निर्देश जारी कर सेक्टर निर्माण में तेजी लाने के आदेश दिए थे। इन दोनों सेक्टरों के लिए 10 साल पहले जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इनमें करीब 2500 प्लॉटों को काटने का प्लान था, लेकिन मौजूदा समय में करीब 1000 प्लॉट ही विवाद से बाहर हैं। करीब 1500 प्लॉटों की जमीन अधिग्रहण का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इन सेक्टरों में मुख्य सड़क पर मार्केट व ग्रुप हाउसिंग सोसायटी भी बनाई जानी हैं।
10 साल पहले सेक्टर-18 का हुआ था ड्रा
करीब 10 साल पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में सेक्टर-18 में प्लांट आवंटन के लिए ड्रा निकाला गया था। सालों से कोई भी सेक्टर नहीं आने के चलते प्राइवेट कॉलोनाइजर ने इसका खूब फायदा उठाया। लोगों ने भी सस्ते प्लॉट लेकर अपना घर बनाने के मकसद से खूब खरीददारी की। इस दौरान शहर से लेकर पूरे जिले में बात करें तो 20 से अधिक कॉलोनियां अवैध रूप से विकसित हो गईं। एक ओर सरकार अवैध रूप से विकसित होने वाली कॉलोनियों पर रोक लगाती है, वहीं दूसरी ओर नए सेक्टर विकसित नहीं करती। ऐसे में तेजी से बढ़ रही आबादी की घर बनाने की जरूरतें कैसे पूरी होगी, इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है। इसी का लाभ कुछ निजी कॉलोनाइजर उठाते हैं और लोगों को प्लॉट बेचकर चलते बनते हैं। इसका नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ता है।
एचएसवीपी के एक्सईएन महेंद्र यादव ने बताया कि प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी ह। जल्द ही इन सेक्टरों में सड़क, सीवर व पेयजल पाइपलाइन का कार्य शुरू होने की उम्मीद की जा सकती है। शहर के सेक्टर-4 व पोसवाल चौक से आगे सेक्टर-10 हाउसिंग सोसायटी के सामने सेक्टर विकसित किए जाने हैं। जमीन का पहले ही अधिग्रहण किया जा चुका है। जिन प्लॉटों पर कोई विवाद नहीं हैं, उनका आवंटन किया जाना है।
इधर, एचएसवीपी के संपदा अधिकारी विजय राठी ने बताया कि सड़क निर्माण से लेकर अन्य एस्टिमेट की फाइल चंडीगढ़ भेजी गई है। फाइल पास होते ही जल्द कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस बार आवंटन बोली के माध्यम से किया जाएगा। बाकी सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं।