रेवाड़ी। भारत और पाकिस्तान की सीमा पर तनाव को देखते हुए अधिवक्ताओं ने सेना का हौसला बढ़ाया है। अधिवक्ताओं ने कहा कि वे फौजी परिवार की सेवा के प्रति तत्पर हैं। अगर किसी फौजी परिवार में किसी तरह की कोई घटना होती है होती है तो अधिवक्ता मदद करेेंगे।
बार एसोसिएशन ने पहले कार्य स्थगित करने का निर्णय लिया था लेकिन बाद में एसोसिएशन ने स्पष्टीकरण दिया गया कि यह कार्य स्थगित बार काउंसिल की ओर से नहीं किया गया है। इसके बाद रेवाड़ी व कोसली में अधिवक्ताओं ने सुचारू रूप से अपना काम किया जबकि बावल कोर्ट के अधिवक्ताओं ने सुबह 11 के बाद नो वर्क डे के घोषित किया और कार्य स्थगित कर दिया।
बावल कोर्ट परिसर में सुबह से कोर्ट परिसर की कार्रवाई चालू हो गई थी। बाद में बार एसोसिएशन ने सामूहिक निर्णय लेकर पाकिस्तान की ओर से हमले की निंदा करते हुए कार्य स्थगित का समर्थन किया। बावल, रेवाड़ी और कोसली कोर्ट में वकीलों ने रोष व्यक्त किया और भविष्य में फौजी के परिवार को सहायता देने का आश्वासन दिया। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने कहा कि फौजी परिवार के किसी भी सदस्य के साथ कोई भी घटना होती है तो बार एसोसिएएशन सहयोग करेगा।