रेवाड़ी। हरियाणा स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव व रेवाड़ी के प्रशासनिक सचिव अशोक कुमार मीणा ने सोमवार को लघु सचिवालय में डीसी अभिषेक मीणा एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ जिला में चल रहे विकास कार्यों और विभागीय कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की।
इस अवसर पर उन्होंने नगर निकाय के अधिकारियों को शहर में स्वच्छता, सफाई और कैटल फ्री को लेकर जवाबदेही तय के साथ आगामी बैठक में संबंधित कार्यों की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
अशोक कुमार मीणा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से घोषित किए गए विकास कार्यों की संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने रेवाड़ी के सेक्टर 12 में बनने वाले नए बस स्टैंड, एम्स कनेक्टिविटी रोड सहित मुख्य मार्गों के पुनर्निर्माण आदि परियोजनाओं के बारे में जानकारी लेते हुए दिशा निर्देश दिए।
कहा कि विभागीय अधिकारी चंडीगढ़ में उच्चाधिकारियों के संपर्क में रहें और कार्यों को शीघ्र पूरा करवाने का प्रयास करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के बारे में जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि नागरिक अस्पतालों में दवाइयां आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
वहीं, जन्म और मृत्यु का विवरण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। इसके साथ उन्होंने डीईटीसी सेल टैक्स अधिकारियों से भी जिला में जीएसटी को लेकर जानकारी ली। इसके अलावा जिला की कानून व्यवस्था की समीक्षा भी की।
शहर के सुंदरीकरण के साथ बनाए जाएं स्मार्ट रोड
प्रशासनिक सचिव अशोक कुमार मीणा ने कहा कि नगर में वॉल पेंटिंग, ग्रीनरी, लाइट और चौक-चौराहों को दुरुस्त करते हुए सुंदरीकरण किया जाए। इसके साथ स्मार्ट रोड को भी विकसित किया जाए। वहीं सड़कों को पूरी तरह से गड्ढा मुक्त करना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।सचिव ने सफाई कर्मचारियों और डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने वाले वाहनों के बारे में जानकारी लेते हुए नगर निकाय के अधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। वहीं, खुले में कचरा डालने वाले लोगों पर भी जुर्माना संबंधी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग की नई परियोजनाओं व कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की।
अनाज मंडी में फसल खरीद की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
अशोक कुमार मीणा ने अधिकारियों के साथ रेवाड़ी अनाज मंडी में पहुंचकर फसल खरीद की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासनिक सचिव ने खरीद एजेंसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। किसानों के खातों में फसल का भुगतान निर्धारित समयावधि में करवाया जाए।