रेवाड़ी। देवउठनी ग्यारस पर बाल विवाह रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही टेंट, हलवाई, पंडित, कैटरर आदि को बाल विवाह में सहयोग करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
डीसी अभिषेक मीणा के निर्देश पर देवउठनी ग्यारस पर बाल विवाह रोकने के लिए अभियान चलाकर खंड स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं व आमजन को बाल विवाह जैसी बुराई को जड़ से खत्म करने का आह्वान किया जा रहा है, जिसमें सभी का सहयोग आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि बाल विवाह संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है। बाल विवाह करवाने या इसे बढ़ावा देने वाले को 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। उन्होंने विवाह में सेवा देने वाले टेंट, हलवाई, पंडित, केटरर, प्रिटिंग प्रेस वालों से भी आह्वान किया कि ऐसे किसी भी विवाह कार्यक्रम में न तो शामिल हो और न ही अपनी सेवाएं दें अन्यथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
बाल विवाह से संबंधित जानकारी बाल विवाह निषेध अधिकारी, पुलिस हेल्पलाइन 112, मजिस्ट्रेट या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दी जा सकती है।