रेवाड़ी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विकास गुप्ता की अदालत ने 26 कनाल 3 मरला 2 सरसाई भूमि की फर्जी रजिस्ट्री और धोखाधड़ी के मामले में आरोपी बावल निवासी रोहताश कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
मामला बावल थाना क्षेत्र के गांव नैचाना निवासी आशा देवी की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी 26 कनाल 3 मरला 2 सरसाई जमीन को कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर और उनकी जगह किसी अन्य महिला को प्रस्तुत कर धोखाधड़ी से रजिस्ट्री करा दी गई।
शिकायत के अनुसार रजिस्ट्री 19 मार्च को बावल के सहायक उप-पंजीयक कार्यालय में कराई गई थी। इसके बाद संबंधित भूमि का इंतकाल भी स्वीकृत करा लिया गया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। मामले में अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों का उपयोग कर भूमि अपने नाम करवा ली।
अग्रिम जमानत याचिका में रोहताश कुमार ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह केवल दस्तावेजों पर गवाह था और उसका धोखाधड़ी से कोई संबंध नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि मामला दस्तावेजी साक्ष्यों पर आधारित है तथा आरोपी की हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।
वहीं राज्य पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी ने कथित रूप से फर्जी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि की थी और मामले में शामिल अन्य आरोपियों तथा फर्जी दस्तावेजों के संबंध में उससे पूछताछ जरूरी है। जांच अधिकारी ने भी अदालत को बताया कि मामले की कड़ियां जोड़ने और अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए आरोपी की हिरासत में पूछताछ आवश्यक हो सकती है।
10 जून को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला केवल दीवानी विवाद नहीं बल्कि आपराधिक आरोपों से भी जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। जांच के इस चरण में अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही अदालत ने रोहताश कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।