रेवाड़ी। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट आकाश सरोहा की अदालत ने चेक देकर उसका भुगतान न करने पर गांव निमोठ निवासी यशवंत को एक साल की सजा व चेक राशि का डेढ़ गुना 16 लाख 50 हजार रुपये मुआवजा शिकायतकर्ता को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
7 साल 7 महीने और 27 दिन चले इस मामले में चेक देने वाले को आरोपी करार देते हुए प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह सजा सुनाई है। गांव ढाणी ढेठराबाद जैनाबाद निवासी राम सिंह ने यशवंत को 11 लाख रुपये 2017 में उधार दिया था।
ये रुपये अलग-अलग तारीखों पर दिए गए थे, जिसको चुकाने के लिए यशवंत ने पहले दो चेक साढ़े पांच लाख रुपये तथा उसके बाद दो अन्य चेक 5 लाख और 6 लाख रुपये राम सिंह को अदा किए थे। मगर यह सभी चेक बाउंस हो गए और शिकायतकर्ता राम सिंह ने कानूनी नोटिस भेज कर यशवंत को चेक की 11 लाख रुपये राशि को लौटाने के लिए कहा।
15 दिन के बाद भी जब यशवंत ने राशि नहीं लौटाई तो राम सिंह के अधिवक्ता ने यशवंत के खिलाफ अदालत में 13 अप्रैल 2018 को केस फाइल किया। इसमें गवाही होने के बाद सामने आया कि यशवंत ने जानबूझकर यह चेक की राशि भरकर दो चेक दिए थे, लेकिन उनके खाते में पर्याप्त पैसा न होने के कारण यह चेक बाउंस हो गए थे।
अदालत ने इस मामले में गवाही रिकॉर्ड की और पाया कि चेक देने वाले की गलती है। इसलिए आरोपी को एक साल की सजा और चेक अमाउंट का डेढ़ गुना कुल 16 लाख 50 हजार रुपये शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए हैं।