रेवाड़ी। जमीन के लेनदेन से जुड़े 13 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अकाश सरोहा की अदालत ने आरोपी देदाराम की ढाणी निवासी संजू को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी माना है। हालांकि, अदालत ने अभी सजा की अवधि तय नहीं की है। सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की सुनवाई के लिए मामले को अगली तारीख पर रखा गया है।
गांव लखनौर निवासी परिवेश देवी ने अदालत में शिकायत दायर की थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपी संजू ने 23 अप्रैल 2018 को रेवाड़ी में सात मरले जमीन बेचने का समझौता किया था। जमीन की कुल कीमत 19 लाख रुपये तय हुई थी। समझौते के समय आरोपी ने 12.50 लाख रुपये प्राप्त किए थे। इनमें आठ लाख रुपये चेक के माध्यम से और 4.50 लाख रुपये नकद दिए गए थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में उसने आरोपी को 6.50 लाख रुपये का एक और चेक दिया। मई 2019 में जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए कहने पर आरोपी ने संपत्ति से संबंधित मुकदमेबाजी लंबित होने की बात कही। इसके बाद दोनों पक्षों में तौर पर समझौता हुआ, जिसमें आरोपी ने 12.50 लाख रुपये वापस करने और 50 हजार रुपये अतिरिक्त देने की बात कही। इसके लिए आरोपी ने 15 मई 2019 को 13 लाख रुपये का चेक जारी किया।
चेक बैंक में लगाया गया तो तीन जून 2019 को पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। दोबारा पेश करने पर नौ अगस्त को भी चेक अनादरित हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 27 अगस्त 2019 को कानूनी नोटिस भेजकर भुगतान की मांग की, लेकिन राशि का भुगतान नहीं हुआ।
अदालत में आरोपी ने चेक के दुरुपयोग का बचाव लिया, लेकिन वह अपने पक्ष में कोई साक्ष्य पेश नहीं कर सका। वहीं, 7 अप्रैल 2026 को आरोपी ने अदालत में जमीन बेचने के बाद चेक की राशि का भुगतान करने की बात कही थी। अदालत ने माना कि आरोपी वैधानिक देनदारी से संबंधित अनुमान का खंडन नहीं कर सका। इसके बाद अदालत ने उसे दोषी करार दिया। अब सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी।