संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के आरोपी मध्य प्रदेश के विदिशा के गांव पिपरिया दौलत निवासी अनिल कुशवाह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में चार आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोपी ने आयुष साहू का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एसपी कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार 5 फरवरी को बावल के सेक्टर-2 में रहने वाले राजस्थान के श्रीगंगानगर के मून निवासी हर्ष भार्गव ने बताया था कि उनके पास 25 जनवरी 2025 को एक मैसेज आया था।
मैसेज में कुछ होटलों से रिव्यू करने पर इन्वेस्ट करने के लिए कहा गया। इस कार्य को करने के लिए उनका टेलीग्राम पर साक्षी गोयल और अरमान मिश्रा नामक दो लोगों से संपर्क कराया गया। अरमान ने उसे एक ग्रुप से जोड़ दिया जिसमें तीन लोग पहले से जुड़े हुए थे।
उसे एक टास्क करने के लिए 7 हजार रुपये इंवेस्ट करने के लिए कहा गया। उसने यह राशि ट्रांसफर की तो बताया गया कि उसका खाता फ्रीज हो गया। उसे बताया गया कि खाता अनफ्रीज करने के लिए उसे पैसे देने पड़ेंगे।
उसने चार ट्रांजेक्शन के जरिए 16 हजार 5600 रुपये ट्रांसफर कर दिए। उसे बताया गया कि विड्राल टास्क गलत होने के कारण उसका खाता फ्रीज हो गया है। उसे अभी 32 हजार रुपये और भेजने होंगे। इसके बाद उससे क्रेडिट स्कोर बढ़ाने के लिए 5.58 लाख रुपये और जमा कराने को कहा, तो उसे ठगी का अहसास हुआ।
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ये आरोपी हो चुके गिरफ्तार
पुलिस ने साइबर थाना में एफआईआर दर्ज करके मामले में संलिप्त चार आरोपी राजस्थान के जिला करोली के गांव थूमा हाल आबाद शिव नगर जयपुर निवासी रिंकेश मीणा, मध्य प्रदेश के जिला मंदसोर के गांव बारडिया निवासी अर्जुन भील, मध्य प्रदेश के जिला मंदौर के भानपुरा निवासी कुनाल बागड़ी व मध्य प्रदेश के जिला रायसेन के गैरतगंज निवासी आयुष साहु को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।