संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय इकाई के कार्यकर्ताओं ने एलएलएम की कक्षाएं शुरू करने, छात्राओं के लिए बस चलाने आदि मांगों को लेकर मंगलवार को प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ता सांकेतिक धरने पर बैठ गए।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि दो दिनों में मांगे नहीं मानी जाती है तो वे भूख हड़ताल करेंगे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग संयोजक युधिष्ठर धनखड़ ने कहा कि कोई विद्यार्थी विरोध प्रदर्शन करता है तो विश्वविद्यालय प्रशासन उस विद्यार्थी पर दबाव बनाता है। तीन साल से विश्वविद्यालय में कोई कार्य नहीं कराया गया है। अभाविप की मांगों की अनदेेखी की जा रही है। कहा कि इस डिजिटल जमाने में भी विश्वविद्यालय में वाईफाई की व्यवस्था नहीं है।
अभाविप जिला संयोजक तरुण यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय में एलएलएम को पिछले कुछ सालों से बंद कर दिया गया है जिससे विद्यार्थी निजी सेक्टर में पढ़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इसके लिए उन्हें मोटी रकम देनी होती है। अभाविप के इकाई अध्यक्ष विनीत कुमार ने बताया कि अभाविप के कार्यकर्ता जब इन मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए कुलपति कार्यालय पहुंचे तो कुलपति विद्यार्थियों से नहीं मिले। वे अपने निजी कार्यों के लिए विश्वविद्यालय से बाहर थे। ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब विद्यार्थी अपनी समस्याओं को लेकर कुलपति के पास जाते हैं तो अपने ऑफिस में नहीं मिलते हैं।
कुलपति के नहीं मिलने पर परिषद ने मंगलवार से सांकेतिक धरना शुरू कर दिया है। बताया कि यदि आने वाले दो दिनों में विद्यार्थियों की मांगे नहीं मानी जाती है तो अभाविप कार्यकर्ता भूख हड़ताल करेंगे। इस मौके पर प्रवेश, मनीषा, विकास, निखिल, सात्विक, अक्षत, हितेश व अन्य छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने एलएलएम की कक्षाएं चलाने, नेट की कोचिंग विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने, वाई-फाई व्यवस्था दुरुस्त कराने, विद्यार्थियों को ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराने, छात्राओं के लिए बस चलाने, विश्वविद्यालय में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।