रेवाड़ी। वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणा के तीन साल बाद रेवाड़ी में महिला आश्रम बनने की उम्मीद जगी है। सेक्टर-18 में प्रस्तावित जमीन पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के स्टे के कारण अटके प्रोजेक्ट के लिए अब सेक्टर-16 में वैकल्पिक जमीन चिह्नित की गई है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के संपदा अधिकारी ने 1000 वर्ग मीटर जमीन के आवंटन का प्रस्ताव प्रशासनिक मंजूरी के लिए एचएसवीपी गुरुग्राम के प्रशासक को भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जा सकेगा।
सेक्टर-18 में महिला आश्रम के लिए 1000 वर्ग मीटर जमीन चिह्नित की गई थी, लेकिन इस जमीन को लेकर मामला अदालत में लंबित होने और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया।
अदालत में अगली सुनवाई 17 फरवरी को निर्धारित होने के चलते परियोजना अटकी हुई थी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने एचएसवीपी से विवादमुक्त वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बाद सेक्टर-16 में नई जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भेजा गया।
100 महिलाओं के रहने की होगी व्यवस्था
प्रस्तावित महिला आश्रम में एक समय में 100 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। यहां बेसहारा, संकटग्रस्त और घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन और मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलेगी। परिसर में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई-कढ़ाई सहित विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिए जाएंगे, ताकि वे हुनर सीखकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
वर्तमान में शहर में ट्रॉमा सेंटर के सामने किराए के भवन में वन स्टॉप सेंटर संचालित है, जहां महिलाओं के लिए अल्पकालिक ठहराव की व्यवस्था है। नया आश्रम बनने से जरूरतमंद महिलाओं को सुरक्षित रहने और आत्मनिर्भर बनने के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
वर्जन
सेक्टर-18 की जमीन पर अदालत का स्टे होने के कारण एचएसवीपी से नया विकल्प मांगा गया था। सेक्टर-16 में जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भेज दिया गया है। प्रशासनिक मंजूरी मिलते ही औपचारिकताएं पूरी कर जल्द निर्माण शुरू करवाने का प्रयास किया जाएगा।-शालू यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी।