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Rewari News: छठ पूजा में उमड़ा आस्था का सैलाब

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डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करतीं महिलाएं। संवाद
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रेवाड़ी। लोक आस्था का पर्व छठ पूजा जिलेभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के ऐतिहासिक सोलहराही तालाब पर हर वर्ष की तरह इस बार भी पूर्वांचल सेवा समिति की ओर से आयोजन किया गया जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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तालाब परिसर दीपों और रंगीन रोशनी से जगमगा उठा जिससे पूरा माहौल दीपावली जैसा आलोकित हो गया। चारों ओर छठ मइया के जयकारे और भक्ति गीतों की गूंज सुनाई दी।
व्रतधारी महिलाओं और पुरुषों ने परंपरानुसार जल में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और छठ मैया से परिवार की सुख-समृद्धि, संतान प्राप्ति और घर-परिवार की शांति की कामना की।
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श्रद्धालुओं ने बताया कि यह व्रत चार दिनों तक चलता है जिसमें कड़ा नियम और संयम रखा जाता है। इस अवसर पर समिति की ओर से व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और पुलिस की टीमें भी तैनात रहीं।
भक्तों ने कहा कि छठ मैया सच्चे मन से व्रत करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। छठ घाट पर उमड़ी भीड़ और वातावरण में फैली भक्ति भावना ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।


मंगलवार को सुबह उगते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य
मंगलवार को सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। जिले में करीब 80 जगह पर छठ पर्व मनाया जाएगा। छठ पूजा बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रमुख पर्व है लेकिन अब यह पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाने लगा है। महिलाओं से लेकर पुरुष और बच्चे सभी मिलकर व्रत, गीत और पूजा-पाठ के माध्यम से सूर्य देव और छठी माई की आराधना करते हैं। पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन सांझी घाट पूजा और चौथे दिन उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है। छठ पर्व को लोकआस्था, पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक माना जाता है।
चार कृत्रिम घाट तैयार किए गए
पूर्वांचल सेवा समिति के सचिव अश्विनी कुमार, हरीश प्रसाद, राजेश श्रीवास्तव और प्रदीप ओझा ने बताया कि छठ पर्व पर श्रद्धालुओं की भीड़ की संभावना को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। चार कृत्रिम घाट तैयार किए गए हैं। जल प्रबंधन, सुरक्षा, पार्किंग व्यवस्था, पंडाल सजावट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना भी बनाई गई है। आयोजन स्थल पर विशेष स्वयंसेवक तैनात किए गए। मंगलवार को पर्व का समापन होगा।

डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करतीं महिलाएं। संवाद

डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करतीं महिलाएं। संवाद

डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करतीं महिलाएं। संवाद

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