रेवाड़ी। शहर की अनाज मंडी में वीरवार सुबह साढ़े 10 बजे हुई बारिश से अफरा-तफरी मच गई। मंडी में खुले में पड़े बाजरे को बचाने के लिए श्रमिकों को आनन-फानन में तिरपाल डालना पड़ा। फसल को ठीक से ढकने की व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा तिरपाल के नीचे पानी भर गया जिससे बड़ी मात्रा में बाजरा भीग गया। बारिश से करीब 10 हजार क्विंटल बाजरा भीगने की आशंका जताई जा रही है।
राहत की बात यह रही कि बारिश करीब 20 मिनट तक ही हुई। इसके बाद धूप निकलने से मंडी में मौजूद किसानों, व्यापारियों और श्रमिकों ने राहत की सांस ली।
बारिश के बाद मंडी में श्रमिक बाजरे को सुरक्षित करने और तिरपाल से पानी निकालने में जुटे नजर आए। जिन स्थानों पर बाजरे के ढेर तिरपाल से ढके हुए थे, वहां भी नीचे पानी जमा होने से अनाज भीग गया। खुले में पड़े बाजरे को बचाने के लिए श्रमिकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मंडी में आवक अधिक होने के कारण सभी ढेरों को समय पर ढक पाना भी मुश्किल हो रहा है।
अनाज मंडी में बाजरे की आवक लगातार जारी है, लेकिन उठान की गति धीमी होने के कारण मंडी परिसर में बड़ी मात्रा में अनाज जमा है। इससे खुले में रखे बाजरे को बारिश से बचाना चुनौती बन गया है।
यदि उठान की प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई गई और मौसम खराब रहा तो आने वाले दिनों में किसानों और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। मंडी में अनाज के ढेर बढ़ने के साथ ही उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त तिरपाल और अन्य इंतजाम करना भी जरूरी हो गया है।
श्रमिक बोले- पर्याप्त तिरपाल नहीं होने से बढ़ी परेशानी
मंडी में काम करने वाले श्रमिक राम सिंह ने बताया कि सुबह बारिश शुरू होते ही उन्होंने बाजरे के ढेरों पर तिरपाल डालने शुरू कर दिए थे। इसके बावजूद कई स्थानों पर तिरपाल के नीचे पानी जमा हो गया, जिससे बाजरा भीग गया। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान अनाज को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। श्रमिक दिनेश लाल ने बताया कि इन दिनों मंडी में बाजरे की आवक अधिक है। इसके मुकाबले अनाज को ढकने के लिए पर्याप्त तिरपाल उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में बारिश होने पर खुले में रखे बाजरे को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। वहीं, श्रमिक सुनील ने बताया कि बारिश का समय कम रहने से नुकसान सीमित रहने की उम्मीद है। यदि बारिश अधिक देर तक जारी रहती तो नुकसान और ज्यादा हो सकता था।
अब तक 49,253 मीट्रिक टन बाजरे की हुई आवक
आंकड़ों के अनुसार रेवाड़ी अनाज मंडी में अब तक 25,142 मीट्रिक टन बाजरे की आवक हो चुकी है। वहीं, कोसली अनाज मंडी में 24,110 मीट्रिक टन बाजरा पहुंच चुका है। इन दोनों मंडियों में कुल आवक 49,252 मीट्रिक टन बनती है, जबकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिले में कुल आवक 49,253 मीट्रिक टन बताई गई है। उठान की धीमी प्रक्रिया और खुले में रखे अनाज के कारण बारिश के दौरान नुकसान की आशंका बनी हुई है।
वर्जन :
कुछ समय के लिए बारिश जरूर हुई थी, मगर बाजरा के किसी प्रकार के नुकसान नहीं हुआ है। पूरे दिन अनाज मंडी में कार्य सामान्य रूप से जारी रहा। आढ़तियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था करें, ताकि बारिश होने पर फसल का नुकसान ना हो।-नरेंद्र, सचिव, मार्केट कमेटी
अनाज मंडी में बारिश का पानी जमा होने से भीग रहे बैग। संवाद