रेवाड़ी। शहर को हरा-भरा बनाने और प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से जल्द ही पौधरोपण अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें शहरी आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की अहम भूमिका होगी।
विभाग अभियान की शुरुआत अपने ट्यूबवेल परिसरों और अन्य विभागीय स्थलों पर पौधरोपण से करेगा। इसके बाद शहर के सार्वजनिक स्थानों और वन विभाग की भूमि पर पौधे रोपे जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, उन जगहों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पौधों की सुरक्षा और सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
विभाग का मानना है कि यह पहल न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण, तापमान में कमी, जैव विविधता के संरक्षण और शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। यह अभियान केंद्र सरकार के अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत संचालित किया जाएगा।
महिलाओं को मिलेगी जिम्मेदारी और रोजगार
अभियान में शामिल स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पौधरोपण के साथ-साथ उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। इसके बदले उन्हें मेहनताना दिया जाएगा, जिससे उनका आर्थिक सशक्तीकरण भी होगा। विभाग के कर्मचारी महिलाओं को पौधों की सुरक्षा, खाद-पानी और रखरखाव संबंधी प्रशिक्षण व सहयोग प्रदान करेंगे। हर पौधे की कम से कम एक वर्ष तक निगरानी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वह सुरक्षित रूप से विकसित हो सके।
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जनभागीदारी से बनेगा हरा-भरा शहर
जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन विनय चौहान ने बताया कि यह केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा सामाजिक अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य रेवाड़ी को हराभरा बनाना और पर्यावरण संतुलन को बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इस पहल के जरिए पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक सहयोग, रोजगार सृजन और जनजागरूकता को भी बढ़ावा मिलेगा, जो शहर के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।