रेवाड़ी। रोहतक में खेल मैदान में पोल के नीचे दबने से खिलाड़ी के निधन के बाद अब खेलों पर ध्यान देने के बजाय पहले संरचनाओं में सुधार कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। वर्षों पुराने खेल उपकरण और खेल परिसरों में सुधार करने के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
इससे पहले जहां जिले में चल रहे राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसरों के भवन, मैदान और खेल उपकरण खरीदने और मरम्मत करने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था वहीं अब अन्य खेल परिसरों की भी मरम्मत, उपकरण की आवश्यकता और सुधार की जरूरत को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
बहुत से ग्रामीण खेल परिसरों में जहां खेल विभाग के प्रशिक्षक नहीं हैं वहां भी मैदान में वर्षों पुराने पोल लगे हुए हैं जो जर्जर अवस्था में हैं। इससे कोई भी खिलाड़ी या बच्चा चोटिल हो सकता है। ऐसी स्थिति है तो भी उच्च विभाग को अवगत कराने होंगे। ऐसे में खेल विभाग अब खेलों के बजाय खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल परिसरों में सुधार पर गंभीरता दिखाने लगे हैं।
इनमें वर्षों से बदहाल और उपेक्षा का शिकार पड़ा धारूहेड़ा स्थित खेल परिसर की हालत में सुधार होने की उम्मीद है। औद्योगिक क्षेत्र में स्थित यह मैदान 10 साल से अधिक समय से बदहाल है।
यहां न खेलने की सुविधा है और न प्रशिक्षक ही कार्यरत है। अब जिला खेल विभाग को ओर से धारूहेड़ा के इस मैदान के साथ नेहरूगढ़ स्थित खेल परिसर की भी सुधार और मरम्मत की आवश्यकता को लेकर उच्च विभाग को लिखा गया है।
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खेल नर्सरियों की भी अच्छी नहीं है हालत
खेल विभाग की ओर से खेल नर्सरियों में उपलब्ध संसाधन और व्यवस्थाओं के बारे में रिपोर्ट मांगी है। इस बार सरकार की ओर से अधिकांश खेल नर्सरियां सरकारी विद्यालयों और ग्राम पंचायतों को आवंटित किया था। प्रारंभ में 50 खेल नर्सरियां आवंटित हुई थीं लेकिन अब यह घटकर 32 रह गईं। खेल विभाग की ओर से इन नर्सरियों के 25-25 खिलाड़ियों को खुराक भत्ता और प्रशिक्षकों को मानदेय देने का प्रविधान है। ऐसे में जिन शिक्षण संस्थानों और ग्राम पंचायत ने खेल नर्सरी के लिए आवेदन किया था उन्होंने अपने यहां संबंधित खेलों के उपकरण और सुविधाएं होने की जानकारी दी थी।
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राजीव गांधी खेल परिसरों के साथ खेल अकादमियों और नर्सरियों की भी रिपोर्ट मांगी गई है जिस खेल परिसर में सुधार की आवश्यकता है इसकी रिपोर्ट संबंधित प्रशिक्षकों के माध्यम से मांगी गई है। खेल विभाग के प्रशिक्षकों को भी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने के निर्देश हैं। -ममता देवी, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी।