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Rewari News: तैराकी के शौक ने तख्त सिंह को बनाया गोताखोर, 10 लोगों की बचा चुके हैं जान

Sat, 12 Sep 2026 11:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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तख्त सिंह को सम्मानित करते विधायक लक्ष्मण सिंह यादव। स्रोत : स्थानीय नागरिक
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रेवाड़ी। जिले के एकमात्र गोताखोर गांव फिदेड़ी निवासी तख्त सिंह (42) अबतक 10 लोगों की जान बचा चुके हैं। वह 22 वर्षों से गोताखोरी कर रहे हैं। यदि कोई नहर में डूब जाए और उसे तलाशने की जरूरत पड़े तो प्रशासन के अधिकारी उनसे मदद लेते हैं। तैराकी के शौक ने उन्हें गोताखोर बना दिया। निस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें प्रशासन की ओर से कई बार सम्मानित किया जा चुका है।
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तख्त सिंह 11वीं कक्षा तक पढ़े हैं। बचपन से ही उन्हें तैराकी का शौक था। पानी में नए-नए करतब दिखाने के कारण पूरे गांव में उनकी अलग पहचान बन गई थी। 22 साल पहले एक घटना ने उन्हें इस काम के लिए पूरी तरह समर्पित कर दिया।
तख्त सिंह ने बताया कि वह रेवाड़ी से अपने गांव लौट रहे थे। पुलिस लाइन के पास नहर में एक बच्चा डूब रहा था। उसके साथ मौजूद दो युवकों ने बाइक रुकवाकर मदद की गुहार लगाई। यह देख उन्होंने बिना देर किए नहर में छलांग लगा दी और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद उनकी प्रशंसा हुई। इस घटना के बाद उन्होंने पानी में डूबे लोगों की मदद को अपना मिशन बना लिया।
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बिना ऑक्सीजन सिलिंडर के करते हैं गोताखोरी : आमतौर पर गोताखोर ऑक्सीजन सिलिंडर, वाटरप्रूफ कपड़े और जूते आदि सुरक्षा उपकरणों के साथ पानी में उतरते हैं लेकिन तख्त सिंह कई बार बिना किसी उपकरण के ही पानी में कूद जाते हैं। उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर वह लंबे समय तक पानी में रहकर तलाश कर सकते हैं। रात के समय प्रशासन का फोन आने पर वह मौके पर पहुंच जाते हैं।
2016 फरवरी में आरएसएस से जुड़े ओमप्रकाश राजपाल के बेटे दिल्ली स्थित जेएलएन नहर में डूब गए थे। उस समय प्रशासन ने तख्त सिंह को बुलाया था। रात करीब 10 बजे कड़कड़ाती ठंड में वह नहर में उतरे और करीब दो घंटे की मेहनत के बाद शव को बाहर निकाला। करीब 12 घंटे तक पानी में रह सकते हैं।

दूसरों की जिंदगी बचाई, अब अपने परिवार की चिंता
तख्त सिंह ने हमेशा बिना किसी स्वार्थ के लोगों की मदद की है। उन्होंने प्रशासन से कभी किसी इनाम या सुविधा की मांग नहीं की। अब उन्हें अपने भविष्य और परिवार की चिंता सताने लगी है। तख्त सिंह बेरोजगार हैं और उनकी 3 बेटियां हैं। उनका कहना है कि अगर भविष्य में उनके साथ कोई अनहोनी हो जाती है तो बेटियों का क्या होगा। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से अपनी गोताखोरी की सेवा के अनुभव को देखते हुए रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वह लोगों की सेवा के साथ अपने परिवार का भविष्य भी सुरक्षित कर सकें।

विधायक ने किया सम्मानित
तख्त सिंह ने बताया कि गर्मी में सबसे अधिक उनके पास फोन आते हैं। मई से अगस्त के दिनों में पानी में डूबने की घटनाएं होती रहती हैं। अभी तक वह लगभग 80 शव निकाल चुके हैं। शनिवार को रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने तख्त सिंह को उनके कार्यों के लिए अपने निवास स्थान पर बुलाकर सम्मानित किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे 26 जनवरी 2027 को सीएम के हाथों बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित करवाएंगे।
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