रेवाड़ी। गोकलपुर गांव के अड्डे पर शुक्रवार को गाड़ी से कुचलने और पीट-पीटकर दो युवकों की हत्या करने के मामले में शनिवार को निगानियावास गांव में 10 गांवों की पंचायत हुई। इसमें दोहरे हत्याकांड की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए 15 सदस्यीय कमेटी गठित की गई।
कमेटी में पीड़ित के पिता, भाई, चाचा और दादा के अलावा गांव के प्रतिष्ठित लोगों को शामिल किया गया है। पंचायत में निर्णय लिया गया कि कमेटी मामले की जांच पर नजर रखेगी और पुलिस अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहेगी।
कमेटी के गठन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा से मुलाकात की और हत्याकांड की जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
पुलिस अधीक्षक ने प्रतिनिधिमंडल को मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। एसपी से मिले आश्वासन के बाद पंचायत और कमेटी के सदस्यों ने संतोष जताया। बता दें कि मारपीट में मांड्या कला निवासी जतिन उर्फ सिकंदर (26) और निगानियावास निवासी हिमेश (20) की मौत हो गई थी।
घटना में घायल बुढ़ाना गांव निवासी यशपाल का इलाज चल रहा है। जतिन के पिता देशराज ने पुलिस को दी शिकायत में बुढानी के मोहन, नीरज, टिकी, बिट्टू, प्रीतम और गांव जाट का कर्ण व आसलवास निवासी सतपाल गुर्जर, सौरव गुर्जर, आशीष व अन्य युवकों पर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीण पीड़ित परिवार के साथ : देवराज
निगानियावास के सरपंच प्रतिनिधि देवराज ने बताया कि पंचायत में गठित 15 सदस्यीय कमेटी ने एसपी से मुलाकात कर घटना की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। रविवार को बावल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से कमेटी के सदस्यों की मुलाकात कराने को लेकर बातचीत चल रही है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान हत्याकांड की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की जाएगी। दोनों पक्षों के बीच पहले कॉलेज में छोटी-मोटी कहासुनी होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, विवाद किस बात को लेकर हुआ था और इसमें कौन-कौन शामिल था, इसकी स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि हिमेश दो भाइयों में छोटा था। उसके पिता स्कूल बस चलाते हैं। हिमेश एक कंपनी में काम करता था। ग्रामीण पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए उनके साथ खड़े हैं।
जांच में कमी आने पर आंदोलन का निर्णय
पंचायत में यह निर्णय लिया गया कि यदि पुलिस जांच में किसी प्रकार की कमी सामने आती है या पीड़ित परिवार को लगता है कि कार्रवाई संतोषजनक नहीं है तो ग्रामीण दोबारा धरने पर बैठेंगे। आवश्यकता पड़ने पर सड़क जाम करने का निर्णय भी लिया जा सकता है। कमेटी ने फिलहाल पुलिस के आश्वासन के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।
कमेटी में ये लोग हैं शामिल
कमेटी में देवराज, सुंदरलाल, प्यारेलाल, पूर्व सरपंच गजराज, महेंद्र सरपंच, कंवर सिंह सरपंच, शेर सिंह, खुशीराम, मुकेश, ललित, राकेश, चितक, सुभाष, जगमाल, साधुराम, जयपाल शामिल हैं। वहीं, पंचायत में 10 गांवों के सरपंच शामिल हुए। इनमें आकेड़ा के सरपंच अशोक, पाचौर के अशोक, डूंगरवास के विपिन, जौनावास के प्रीतम, घटाल के ऋषि, बालियार के विनोद, निखरी के सुनील व सापली के विजय शामिल हैं।
निगानियावास गांव में हुई पंचायत में एकजुट ग्रामीण। संवाद
निगानियावास गांव में हुई पंचायत में एकजुट ग्रामीण। संवाद