फोटो : 13श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में शिव महापुराण कथा सुनते लोग। स्रोत : मंदिर
रेवाड़ी। ओम नमो शिवाय का एक हजार जप करने से मनुष्य शुद्ध हो जाता है। यह बात गढ़ी बोलनी रोड स्थित बीएमजी सिटी के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं को व्यास गद्दी पर विराजमान लखन महाराज ने कही। उन्होंने बताया कि गुरु की पूजा ही शिव की पूजा मानी गई है। इसलिए गुरु की पूजा अवश्य बताई गई है।
उन्होंने कहा कि नर्मदेश्वर, पारदेश्वर सिंह और पार्थिव शिवलिंग पर चढ़ा हुआ प्रसाद ही ग्रहण करने योग्य होता है। इसके साथ ही कथावाचक व्यास ने रुद्राक्ष की महिमा को बताते हुए कहा कि रुद्राक्ष प्रत्येक मनुष्य को धारण करना चाहिए। रुद्राक्ष को धारण करने के लिए अलग-अलग नियम हैं। रुद्राक्ष एक मुखी से लेकर 16 मुखी तक होते हैं। लकड़ी के काल्पनिक रुद्राक्ष नहीं धारण करने चाहिए। इनको धारण करने के लिए अलग विधि बताई गई है।
शिव महापुराण कथा में रुद्राक्ष की अलग कथा आती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए ओम नमो शिवाय न कह कर केवल नमो शिवाय जपना चाहिए। मंदिर के पुजारी प्रकाश मिश्रा ने बताया कि प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप तथा पार्थिव शिवलिंग का जलाभिषेक किया जा रहा है। मौके पर राधेश्याम गुप्ता, विजय गुप्ता, रिपु दमन गुप्ता, रवि गुप्ता, रमेश शर्मा, शक्ति यादव, अनिल किसनानी, अश्वनी तिवारी, महेंद्र गोयल, विनय सागर प्रधान, दीपक भारद्वाज व पूर्व प्रधान नरेश यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।