बावल (रेवाड़ी)। वार्ड संख्या 9 में घंटों बिजली गुल रहने से नाराज लोगों ने मंगलवार की सुबह 9:30 बावल-प्राणपुरा मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम में पुलिस की गाड़ी फंस गई। गाड़ी निकालने को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई।
इस दौरान पुलिसकर्मी कुछ प्रदर्शनकारियों को पकड़ कर ले गए। इसको लेकर नाराज लोगों ने बावल थाने पर पहुंचकर नाराजगी जताई और पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाया।
बिजली गुल रहने से नाराज लोग सुबह 9:30 बजे बावल-प्राणपुरा मार्ग पर पहुंचे और जाम लगा दिया। इसी बीच पुलिस की गाड़ी भी पहुंची। पुलिसकर्मियों ने गाड़ी निकलने देने की बात कही लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई। स्थिति तब बिगड़ गई जब पुलिसकर्मी जाम लगा रहे तीन-चार लोगों को को हिरासत में ले लिया। इससे नाराज प्रदर्शनकारी जाम खत्म कर बावल थाने पर पहुंच गए। यहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस ने जाम लगा रहे लोगों के साथ बदसलूकी की और बेवजह युवाओं को हिरासत में लिया। जबकि पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने जाम के दौरान अभद्र व्यवहार किया, जिसके चलते कार्रवाई की गई है।
हिरासत में लिए गए तीन-चार युवाओं नहीं छोड़ने पर प्रदर्शनकारियों ने फिर 12:30 बजे सड़क पर जाम लगा दिया। इसकी जानकारी होने पर डीएसपी सुरेंद्र श्योराण बावल पुलिस स्टेशन पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और बिजली फाल्ट की समस्या को जल्द ठीक कराने का आश्वासन दिया। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली विभाग की लापरवाही पर कार्रवाई की जाए। बार-बार होने वाली बिजली कटौती की समस्या दूर की जाए।
लोगों ने बताया कि सड़क जाम के दौरान पुलिसकर्मियों ने आते ही कहा कि ये क्या कर रखा है। इस दौरान कुछ युवक वीडियो बनाने लगे जिससे पुलिसकर्मी भड़क गए और उन्हें पकड़ कर थाने में ले गए। लोगों का कहना है कि पुलिस का रवैया उचित नहीं था।
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कहा-बिजली कर्मचारी नहीं उठाते फोन
हनुमान सिंह, धर्मबीर और बलराज सिंह ने बताया कि बिजली कर्मचारियों को बार-बार फोन किया जाता है लेकिन वे फोन नहीं उठाते हैं। सोमवार से ही बिजली नहीं आने से लोग परेशान हैं। एक जगह से तार टूट गया है। फाल्ट ठीक नहीं करने पर प्रदर्शन किया गया। अगर व्यवस्था ठीक रहती तो प्रदर्शन करने की नौबत नहीं आती। दौलतराम, महेंद्र, मदनलाल और सुनीता ने बताया कि गर्मी से सभी परेशान हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। व्यवस्था सुधारने की जरूरत है।