खेड़ा बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसान।
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रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है। बुधवार को राजस्थान के श्रीगंगानगर से करीब 150 किसानों का जत्था ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ बॉर्डर पर पहुंचा। साथ ही पंजाब की एक संस्था ने आंदोलनकारी किसानों पीने के पानी के लिए धरनास्थल पर ही आरओ सिस्टम भी लगाया है। वहीं किसानों की एक टीम राजस्थान के विभिन्न गांवों में जाकर लोगों को कृषि कानूनों के खिलाफ जागरूक भी कर रही है। बॉर्डर पर किसानों की संख्या बढ़ने से वहां आंदोलन कर रहे किसानों के भी हौसले बढ़े हैं।
13 दिसंबर से खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन चल रहा है। 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड के बाद आंदोलन फीका पड़ गया था, लेकिन अब धीरे-धीरे आंदोलन में संख्या बढ़ती जा रही है। बुधवार को गंगानगर से पहुंचे किसानों के जत्थे अपने साथ कई दिनों का राशन भी लेकर पहुंचे। साथ ही किसानों के जत्थे में महिलाएं भी शामिल थीं। वहीं दूसरी तरफ पंजाब की सामाजिक संस्था हेमलेट ने यहां किसानों के लिए आरओ सिस्टम लगवाया है, जिससे किसान साफ-सुथरा पानी पी सके।
गांव-गांव जाकर कर रहे जागरूक
राजस्थान के किसानों को कृषि कानूनों के प्रति जागरूक करने के लिए एक टीम बनाई गई है। यह टीम अलवर व उसके आसपास के गांवों में जाकर लोगों को कृषि कानूनों के खिलाफ जागरूक कर रही है। साथ ही किसानों से बॉर्डर पर पहुंचने का आग्रह भी किया जा रहा है। इस मौके पर कन्हाराम चौधरी, महेन्द्र करावत, पूर्व सरपंच सुमेर सिंह, ईश्वर महलावत, अमना राम, पेमा राम आदि मौजूद थे।
किसान नेता बोले- राहुल गांधी आने की नहीं है सूचना
12 फरवरी से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के राजस्थान दौरे को देखते हुए उनके खेड़ा बॉर्डर पर पहुंचने की चर्चाएं चल रही हैं। इसको लेकर राजस्थान प्रशासन की ओर से भी बॉर्डर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया गया है। धरने पर बैठे किसान नेता अमराराम ने बताया कि उनके पास राहुल गांधी या किसी अन्य नेता के आने की कोई सूचना नहीं है। किसानों की ओर से शांतिपूर्वक आंदोलन किया जा रहा है। लगातार धरनास्थल पर समर्थन देने लोग पहुंच रहे हैं।