रेवाड़ी। हरियाणा सरकार द्वारा घोषित नियमित क्षेत्रों में अवैध निर्माण न हो, इस संबंध में उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को नगर योजनाकार एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की एक बैठक बुलाई गई। बैठक में निर्देश दिये कि अवैध निर्माण व अतिक्रमण करने वालों पर कार्यवाही अमल में लाई जाए। अवैध निर्माण न हो उसके लिए विभाग उचित कदम उठाये। उन्होंने बताया कि जिले में अभी तक अवैध कालोनी विकसित करने वालों पर 10 एफआईआर दर्ज हुई हैं, जिनमें 3 बावल, 3 धारूहेड़ा 2 रेवाड़ी व 2 कोसली की शामिल है।
उपायुक्त ने बैठक में बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा राज्य में नगर तथा ग्राम आयोजन विभाग द्वारा घोषित नियमित क्षेत्रों व शहरी क्षेत्रों में निदेशक नगर तथा ग्राम आयोजना विभाग की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण व पुनर्निर्माण करना, सड़क बनाना, सडकों से पहुंच प्राप्त करना, ईंट भट्टा, स्टोन, क्रशर, रिहायशी, वाणिज्यिक, औद्योगिक उद्देश्य या साइबर पार्क, सीटी एवं फ्लेटों के निर्माण हेतु भूमि का टुकड़ों में विभाजन करना व हस्तांतरण करना व उन पर निर्माण करना तथा इस बारे किसी भी तरह का विज्ञापन देना नियमित क्षेत्र अधिनियम 1963 एवं शहरी क्षेत्र अधिनियम 1975 के प्रावधानों का उल्लंघन है। बैठक में जिला नगर योजनाकार मनीष यादव ने बताया कि जिला रेवाड़ी के अंतर्गत आने वाले 76 गांव 7-ए के अधीन आते हैं, जिनमें भूमि खरीद फरोख्त करने से पहले जिला नगर योजनाकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। यदि कोई इसको उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने बताया कि रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ जाने वाली सड़क व रेवाड़ी से गढ़ीबोलनी रोड पर अवैध कालॉनी विकसित होने जा रही थी, डीटीपी की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कालॉनी बनाने से रोक दिया। नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई व डीटीपी विभाग द्वारा निर्माण को गिराया जा सकता है। इस प्रकार के अपराध के लिए न्यायालय द्वारा 3 वर्ष तक के कारावास या दस से पचास हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान भी है। बैठक में एडीसी प्रदीप दहिया, एसडीएम रेवाड़ी अल्का चौधरी, बावल के एसडीएम एवं सीटीएम रविन्द्र यादव, डीएसपी जयसिंह, कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग हेमन्त कुमार, अनिल कुमार उपस्थित रहे।