संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मुक्त गांवों को टीबी मुक्त पंचायत का अवॉर्ड देने का निर्णय लिया है। इसके तहत 124 गांवों का चयन किया गया था, जिसमें जिलास्तरीय कमेटी ने निरीक्षण में 87 गांवों को शर्तों के अनुसार टीबी मुक्त पाया है। इन पंचायतों को जिला उपायुक्त टीबी मुक्त पंचायत का प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने अभीतक 172496 लोगों की स्क्रीनिंग की है जिसमें से नेट टेस्टिंग 2740, स्पटम टेस्टिंग 7876 और 2424 लोगों का एक्सरे किया गया है। इनमें से 39 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। करीब 147 कैंप लगाए जा चुके हैं। 2023 में 2651 मरीज मिले थे, जिनमें से 132 लोगों की मृत्यु हो गई थी। कार्यक्रम अधिकारी सीमा ने बताया कि यदि पंचायत लगातार तीन साल तक टीबी मुक्त रहती है तो उसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्वर्ण प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाएगा।
पहले वर्ष में इन पंचायतों को महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा प्रदान की जाएगी। इन पंचायतों के जनवरी में आवेदन भरे गए थे। चयन के लिए प्रत्येक 1000 लोगों पर हर साल में कम से कम 30 संभावित व्यक्तियों में टीबी की जांच की गई। टीबी की पुष्टि वाले लोगों के सभी संपर्क (उनके साथ घर में रहने वाले लोग, वे लोग जिनके साथ वे काम करते हैं और अन्य लोग जिनसे वे नियमित रूप से मिलते हैं आदि) और जोखिम आबादी में रहने वाले लोगों की भी टीबी की जांच की गई थी।
टीबी मरीजों का रखा जाता है विशेष ध्यान
बैक्टीरियोलॉजिकल पुष्टि वाले टीबी रोगियों का संवेदनशील परीक्षण (डीएसटी) कराया गया। ऐसे मरीज जिनको टीबी की बीमारी मिली, उनको सही उपचार शीघ्र, नियमित एवं पूरा होना चाहिए। निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत प्रत्येक क्षय रोगी को इलाज शुरू होने से इलाज पूरा होने तक 500 रुपये प्रतिमाह पोषण सहायता धनराशि का भुगतान भी जरूरी है। निक्षय मित्र और टीबी के मरीज को गोद लेकर उनको अतिरिक्त पोषण सामग्री जांच एवं अन्य प्रकार की सहायता जैसे रोजगार के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
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वर्जन
जिले में 87 पंचायतें हैं। इन पंचायतों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित करने की तिथि तय नहीं की गई है। जल्द ही तारीख की घोषणा होगी। -दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी