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Rewari News: रेवाड़ी-धारूहेड़ा में 8 नए सेक्टर होंगे विकसित

Sat, 02 May 2026 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी शहर का ड्रोन से लिया गया फोटो। संवाद
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रेवाड़ी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने रेवाड़ी और धारुहेड़ा में 8 नए सेक्टर विकसित करने की योजना बनाई है। धारूहेड़ा में तीन और रेवाड़ी में 5 नए सेक्टर विकसित होंगे। इसके लिए रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र के आसपास के गांवों की करीब 1465 एकड़ जमीन चिह्नित कर ई-भूमि पोर्टल पर अपलोड की गई है।
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इस बार जमीन अधिग्रहण पारंपरिक तरीके से नहीं बल्कि किसानों की सहमति से किया जाएगा। इस योजना में किसानों की भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है। इच्छुक भूमि मालिक ई-भूमि पोर्टल पर अपनी जमीन का विवरण दर्ज करेंगे। इसके बाद प्रशासन बाजार दर और कलेक्टर रेट के आधार पर आपसी सहमति से मुआवजा तय करेगा। जो किसान जमीन बेचने के लिए तैयार होंगे, उन्हीं की भूमि पर सेक्टर विकसित किए जाएंगे।


प्रस्तावित सेक्टरों को आवासीय, कॉमर्शियल और पब्लिक व सेमी पब्लिक श्रेणियों में विकसित किया जाएगा। इससे शहर में आवासीय दबाव कम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
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रेवाड़ी क्षेत्र में पांच सेक्टर विकसित किए जाएंगे। सेक्टर-14 (569.60 एकड़) सबसे बड़ा आवासीय प्रोजेक्ट होगा जो शहर और कुतुबपुर मोला गांव में विकसित होगा। सेक्टर-23 (250.70 एकड़) कालाका, गुरदास माजरा, कोनसीवास और मांढैया कलां में बनेगा।
सेक्टर-38 (227.25 एकड़) काठूवास, डवाना और लालपुर में प्रस्तावित है। इसके अलावा सेक्टर-29बी (224.38 एकड़) और सेक्टर-31 (194.65 एकड़) को कॉमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

धारूहेड़ा क्षेत्र में तीन सेक्टर विकसित होंगे। सेक्टर-50 (53 एकड़) को पब्लिक व सेमी-पब्लिक उपयोग के लिए रखा गया है जहां स्कूल और अस्पताल बनाए जाएंगे। सेक्टर-5बी (20.50 एकड़) छोटा कॉमर्शियल सेंटर होगा। सेक्टर-20 (125 एकड़) बड़ा व्यावसायिक प्रोजेक्ट होगा।

पुरानी परियोजनाओं को भी मिली रफ्तार
एचएसवीपी केवल नए सेक्टर ही नहीं बल्कि पुरानी परियोजनाओं को भी गति दे रहा है। सेक्टर-7 में प्लॉटों की ई-नीलामी पूरी हो चुकी है। सेक्टर 20-24 पार्ट में नीलामी अंतिम चरण में है।

एक साथ 8 नए सेक्टरों के विकास को जिले के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल लोगों को आवासीय सुविधाएं मिलेंगी बल्कि बाहरी निवेश बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

वर्जन
विभाग केवल उन्हीं किसानों से जमीन खरीदेगा जो स्वेच्छा से बेचने के इच्छुक होंगे। योजना से क्षेत्र में सुनियोजित और पारदर्शी विकास को बढ़ावा मिलेगा।-दीपक घनघस, संपदा अधिकारी, एचएसवीपी।
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