रेवाड़ी। हरियाणा सरकार ने 40 वर्ष होने के बाद विधुर व 45 साल तक उम्र के अविवाहित पुरुषों को पेंशन देने की योजना बनाई है। जिले में सामाजिक न्याय अधिकारिता, अनुसूचित जातियों एवं पिछड़े वर्ग कल्याण व अंत्योदय (सेवा) विभाग द्वारा 79 विधुर और 480 अविवाहितों को चिन्हित किया गया है। जनवरी 2024 से विधुरों व अविवाहितों को 3000 रुपये मासिक पेंशन मिलनी शुरू हो गई है। सरकार की ओर से 40 वर्ष तक की उम्र होने पर विधुर को पेंशन देने का प्रावधान किया गया है, बशर्ते परिवार पहचान पत्र में परिवार की आय 3 लाख से अधिक ना हो। इसी तरह ही 45 साल की उम्र होने पर अविवाहित को पेंशन देने का प्रावधान जोड़ा गया है। परिवार पहचान पत्र में उनके लिए वार्षिक आय की सीमा 1 लाख 80 हजार रखी गई है।
योजना का लाभ के लिए यह अनिवार्यता जरूरी
हरियाणा सरकार की ओर से क्रियान्वित विधुर व अविवाहित पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए विधुरों की श्रेणी में तीन लाख रुपये तक की सालाना आय वाले 40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति पात्र होंगे। इसी तरह अविवाहित व्यक्तियों के मामले में वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम होनी चाहिए और आयु 45 वर्ष से अधिक हो। यह वित्तीय सहायता सीधे लाभपात्रों के खातों में दी जाएगी। विधुरों और अविवाहितों की आयु 60 वर्ष होने उपरांत उन्हें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता का लाभ मिलेगा। यदि उक्त दोनों ही कैटेगरी के लाभार्थियों के जीवन में किसी भी प्रकार का परिवर्तन होता है तो लाभार्थियों को जिला समाज कल्याण विभाग इससे जुड़ी जानकारी से सूचित करना होगा। इसके अलावा अगर कोई लाभार्थी गलत सूचना देता है या किसी तथ्य को छुपाता है तो केवल उसी वक्त (जिस वक्त की गलत सूचना दी गई) की पेंशन को ब्याज सहित वापस लिया जाएगा।
गलत जानकारी ना दें : डीसी
डीसी राहुल हुड्डा ने बताया कि जिले में 79 विधुर और 480 अविवाहित पुरुष सरकार की योजना का लाभ उठा रहे हैं। अगर कोई लाभार्थी गलत सूचना देता है या किसी तथ्य को छुपाता है तो केवल उसी वक्त की पेंशन को ब्याज सहित वापस लिया जाएगा।