मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने दी गिरफ्तारियां
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर्स यूनियन की प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन के 13वें दिन जिले की करीब पांच सौ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारियां दी। राजीव चौक से रोडवेज की नौ बसों में वर्कर्स को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया। गिरफ्तारी के करीब दो घंटे बाद उनको छोड़ दिया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंगनबाड़ी वर्कर्स द्वारा गिरफ्तारी दिए जाने के समय बावल रोड पर जाम की स्थिति बन गई थी। रेवाड़ी के कार्यकारी तहसीलदार मनीष कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।
जिले की करीब पांच सौ आंगनबाड़ी वर्कर्स 13 दिन से विभिन्न मांगों को लेकर जिला सचिवालय के सामने धरने पर बैठी हैं। इन कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह और हलका विधायक रणधीर सिंह के आवास एवं कार्यालयों का घेराव भी किया, लेकिन सरकार द्वारा उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शनिवार को शहर के राजीव चौक पर धरने पर बैठी आंगनबाड़ी वर्कर्स ने गिरफ्तारियां दीं। इस दौरान वर्कर्स ने प्रदेश एवं केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंगनबाड़ी वर्कर्स की जिला प्रधान राजबाला चौहान ने कहा कि सरकार ने अगर उनकी मांगें नहीं मानीं तो आने वाले विधानसभा चुनाव में न केवल भाजपा पार्टी का बल्कि चुनाव का भी बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की गूंगी बहरी सरकार को 13 दिनों से परेशान आंगनबाड़ी वर्कर्स की मांगों की कोई चिंता नहीं है। सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का कार्य आंगनबाड़ी वर्कर्स द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगें नहीं मानेगी तब तक कोई भी वर्कर्स और हेल्पर अपना रिकॉर्ड सरकार को नहीं दिखाएंगी।
हस्ताक्षर कराए और कहा जाओ
आंगनबाड़ी वर्कर्स को करीब साढे़ बारह बजे रोडवेज की बसों में गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया। जहां सभी को लाइनों में बैठाकर एक कागज पर उनके नाम लिखकर हस्ताक्षर कराए गए। हस्ताक्षर कराने के बाद उन्हें जाने के लिए कह दिया गया। हालांकि कार्यकर्ताओं को वापस धरनास्थल पर छोड़ने के लिए बसों की व्यवस्था कराई गई थी।
पुलिस के पास नहीं थे पुख्ता इंतजाम
जेल भरो आंदोलन को पुलिस बल ने सुबह से ही तैनात कर दिया था। करीब साढे़ बारह बजे तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारियां देनी शुरू की तो पुलिस तमाम इंतजाम धरे के धरे रह गए। शुरूआत में पांच बसों में कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया। उसके बाद करीब आधे घंटे तक बसों की व्यवस्था नहीं हो पाई। इस पर आंगनबाड़ी वर्कर भड़क गईं और पुलिस प्रशासन के खिलाफ ही नारेबाजी करनी शुरू कर दी। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ काफी नोकझोंक भी हुई।
ये है मांगें
- सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए
- सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक निर्धारित न्यूनतम वेतन दिया जाए।
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं दी जाए।
- अतिरिक्त आंगनबाड़ी का चार्ज संभालने वाली कार्यकर्ता को जाने वाले अतिरिक्त मानदेय में बढ़ोतरी की जाए।
- हेल्पर के छुट्टी पर जाने पर अतिरिक्त व्यवस्था की जानी चाहिए।
- हेल्पर को पदोन्नत करने का अनुभव 10 की बजाए 3 साल किया जाना चाहिए।
- आंगनबाड़ी लाभार्थी को दिए जाने वाले आहार पोषाहार की मात्रा व गुणवत्ता बढ़ाई जाए।
- खाना बनाने के लिए सिलिंडर आदि सरकार स्वयं उपलब्ध कराए।
- केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं प्रत्येक माह की सात तारीख तक उपलब्ध कराया जाए।
- सुपरवाइजरों के सभी पद वर्कर्स की प्रमोशन से भरे जाए।
- टीए-डीए दिया जाए।
- सरकारी स्कूलों की तरह सर्दी और गर्मी की छुट्टियां लागू की जाए।
ये रहे मौजूद
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के समय डीएसपी सतपाल सिंह, महिला थाना प्रभारी सरोजबाला, यातायात थाना प्रभारी सूरजभान, हरीसिंह व एएसआई बीना राणा सहित भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से जिला प्रधान राजबाला चौहान, जिला सचिव बीना नाहड़, कोषाध्यक्ष किरण शर्मा, संतोष आदि मौजूद थे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिया गया। यह इनका प्रस्तावित कार्यक्रम था। हमारी तरफ से पूरी सतर्कता बरती गई।
सतपाल, डीएसपी, रेवाड़ी