सरकारी आदेशों पर भारी स्कूलों की मनमर्जी
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। शिक्षा निदेशालय की ओर से 27 दिसंबर से आठ जनवरी तक शीतकालीन अवकाश के आदेश देेने के बावजूद शहर के कई निजी स्कूल अभी भी खुल रहे हैं। ऐेसे में छोटे-छोटे बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं। बुधवार सुबह सात से सवा नौ बजे तक अमर उजाला टीम ने शहर के 20 स्कूलों के हालात का जायजा लिया। इस दौरान आठ स्कूल खुले मिले।
बढ़ती ठंड को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने 27 दिसंबर से आठ जनवरी तक छुट्टी के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि 23 को गुरु गोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव, 24 को रविवार, 25 को क्रिसमस और 26 को शहीद ऊधमसिंह शहीदी दिवस पर सरकारी अवकाश घोषित किए गए थे। वहीं 27 को छुट्टी के बाद शहर के स्कूल खुले रहे। इसके चलते सर्वाधिक न्यूनतम तापमान चार डिग्री के बीच विद्यार्थी ठिठुरते हुए स्कूल में जाते दिखे। शहर की सड़कों पर भी विभिन्न स्कूलों की बसें धड़ल्ले से चलीं।
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बस की इंतजार में ठिठुरते दिखे बच्चे
शहर के विभिन्न चौराहों पर सुबह बच्चे स्कूल बसों का इंतजार करते ठिठुरते दिखे। बच्चों के साथ इनके परिजन भी परेशान थे। शहर के नाईवाली चौक, अग्रसेन चौक, बस स्टैंड, अंबेडकर चौक, लियो चौक, धारूहेड़ा चुंगी, आजाद चौक, नागरिक अस्पताल चौक, झज्जर चौक, रेलवे चौक सहित सभी जगहों पर सुबह के समय बच्चे स्कूल बसों का इंतजार करते दिखे। बसों के इंतजार में कई बच्चे तो अलाव भी तापते दिखे।
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कैमरा देख अंदर दौड़ाए बच्चे
शहर में सर्वाधिक स्कूल दिल्ली रोड पर खुले रहे। यहां करीब दर्जनभर बड़े स्कूल हैं, जिनमें हजारों की संख्या में बच्चे पढ़ते हैं। स्कूलों के बाहर बच्चों के फोटो लेने पर स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को अंदर दौड़ा दिया। वहीं कौनसीवास रोड स्थित एक स्कूल के बाहर एक फोटो जर्नलिस्ट के साथ अभद्रता भी की गई।
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छुट्टियों में स्कूल खोलना गलत, करेंगे शिकायत : शहरवासी
शिक्षा विभाग के निर्देशों के बाद भी स्कूल खुले रखना गलत है। हम इसकी निंदा करते हैं। इनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई जाएगी।
एडवोकेट राजेंद्र सिंह, समाजसेवी
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यह समय बच्चों की छुट्टियों का है। बहुत अधिक ठंड होने के चलते बच्चों को दिक्कत होती है। स्कूल संचालकों को भी सोचना चाहिए।
दिनेश कपूर, प्रधान, वीर भगतसिंह युवा दल
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हर साल यही होता है। कई सारे स्कूल सरकार का फरमान नहीं मानते। आखिर सोचना चाहिए कि छोटे-छोटे बच्चे हैं। हम इनकी शिकायत करेंगे।
प्रो. अनिरुद्ध, अध्यक्ष, प्रतिष्ठा संस्थान
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जब शिक्षा निदेशालय ही छुट्टियों के आदेश जारी कर चुका है तो स्कूल बच्चों की छुट्टियां क्यों नहीं करते। आखिर छोटे बच्चों का ध्यान रखना चाहिए।
डॉ. टीसी राव, संयोजक, ग्रामीण उत्थान, भारत निर्माण
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शिक्षा निदेशालय के आदेशों के बाद भी शहर में स्कूल खोलना गलत है। अगर इनके खिलाफ कोई शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
धर्मवीर बल्डोदिया, जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी