संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। बिजली निगम उपभोक्ताओं के मीटर नंबर परिवार पहचान पत्र से जोड़ रहा है लेकिन सर्किल में अभी 7 हजार ऐसे कनेक्शन हैं जिनका मीटर नंबर परिवार पहचानपत्र से नहीं जुड़ पाया है। इनमें अधिकतर संयुक्त परिवार हैं। एकल परिवार और किरायेदार भी इसमें शामिल हैं। इन परिवारों की मैपिंग के लिए जिलेभर में टीम जुटी है।
अधिकारियों का कहना है कि जिलेभर में अधिकतर बिजली के कनेक्शन पहले ही परिवार पहचान पत्र से जोड़े जा चुके हैं, लेकिन 7 हजार करीब कनेक्शन ऐसे बचे हैं, जिनके मीटर नंबर फैमिली आईडी से नहीं जुड़ पाए हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि भविष्य में बिजली निगम को उपभोक्ताओं के फायदे के लिए योजना बनाने में आसानी हो। बिजली निगम ने परिवार पहचान पत्र से बिजली कनेक्शन जोड़ने के लिए तैयारी कर ली है। इसके लिए बिजली निगम ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लिए टीम बनाई जाे घर-घर जा रही है। कर्मचारी घर-घर जाकर परिवार पहचान पत्र व आधार कार्ड के नंबर ले रहे हैं। इसके बाद बिजली कनेक्शन को पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। इसी के आधार पर बिजली निगम की उपभोक्ताओं को बिजली बिल में छूट व अन्य सुविधा दी जाएगी। बेरली खुर्द के एसडीओ परीक्षित का कहना है कि जिलेभर में अधिकतर कनेक्शन पीपीपी से जोड़े जा चुके हैं लेकिन कुछ रह रहे हैं, जिनको जोड़ने का कार्य चल रहा है। निगम की टीम सर्वे कर पीपीपी की मैपिंग कर रही है। कर्मचारी घर जाकर पीपीपी से मीटर नंबर जोड़ रहे हैं।