रेवाड़ी। जिले में डेंगू ने पांव पसार दिए हैं। इस बार हालात और भी खराब होने वाले हैं। चूंकि पिछले साल मिले अब तक के सर्वाधिक 324 केसों का आंकड़ा आज पार हो जाएगा। पिछले 24 घंटे में मिले 7 नए मरीज मिलने के बाद संख्या 323 पहुंच गई है। इससे पहले 2021 में 306 मरीज ही मिले थे। इस बार जिस तेजी से जिले में डेंगू के केस बढ़ रहे हैं। उससे अंदाजा यही लगाया जा रहा है कि पिछले साल मिले 324 मरीजों की संख्या का रिकॉर्ड आज टूट जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को 91 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें डेंगू के 07 केस मिले हैं। अब डेंगू पॉजिटिव की संख्या 323 पर पहुंच गई है। वहीं विभाग की ओर से अभी तक कुल 3816 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। अभी तक डेंगू के 10 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। हालांकि 79 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी भी दी जा चुकी है। डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। टीम घर व उनके आसपास भरे पानी में मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। लार्वा मिलने पर टीम ने अभी तक 5045 लोगों को नोटिस भी दिए हैं। साथ ही लोगों को भी चेताया जा रहा है कि वह घरों के बाहर और अंदर पानी जमा ना होने दें। क्योंकि डेंगू मच्छर साफ पानी में ही पनपता है।
हर 12वां मरीज डेंगू से पीड़ित
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी तक 3816 सैंपल लिए, जिसमें हर 12वां मरीज डेंगू से पीड़ित मिला है। जिले में कुल 323 केस मिल चुके हैं। प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है, जिसमें काफी सारे ऐसे मरीज भी हैं, जिनका डाटा तक स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है।
5 जुलाई को मिला था पहला केस
एक जुलाई को रेवाड़ी में मानसून ने दस्तक दी थी। 5 जुलाई को जिले में डेंगू का पहला केस पाया गया। उसके बाद कुछ दिन तो केस कम मिल रहे थे, लेकिन सितंबर में हुई बारिश से डेंगू ने रफ्तार पकड़ ली। अभी भी दो माह बाकी है, जिसमें डेंगू का आतंक पीक पर होता है। शुक्रवार को जिले में डेंगू के 07 मरीजों की पुष्टि हुई है। अभी तक मिले डेंगू के 323 केस में 178 शहर, 49 बावल, 38 मीरपुर, 25 गुरावड़ा, खोल में 18 व नाहड़ में 15 केस मिले हैं।
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वर्जन:
जिले में डेंगू के बढ़ने का सिलसिला लगातार जारी है। इस बार डेंगू के सबसे ज्यादा केस शहरी क्षेत्र में मिले हैं। टीम जांच में सामने आया कि इस बार तेजी से बढ़ रहे मामलों के पीछे केवल जनता खुद जिम्मेदार है। जागरूक होकर भी लोग अपने आसपास पानी को एकत्रित होने दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है।
- डॉ. अमित यादव, जिला मलेरिया अधिकारी, रेवाड़ी