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Rewari News: पीपीपी में आय का सत्यापन कराने के लिए दी 7 दिन की मोहलत

Sat, 27 Sep 2025 07:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। जांच के बाद बीपीएल राशन कार्डधारकों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। सितंबर में अबतक जिले के 12 हजार 689 राशन कार्ड कट चुके हैं। विभाग की जांच अब भी जारी है, जिससे और भी राशन कार्ड कट सकते हैं। कार्डधारकों को मैसेज भेजकर परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में अपनी आय का सत्यापन कराने के लिए 7 दिन की मोहलत दी गई है।
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कटे कार्डधारकों में 12,346 बीपीएल व 305 एएवाई कार्डधारक शामिल हैं। पहले कार्डधारकों की संख्या 1 लाख 50 हजार 130 थी। 23 सितंबर तक विभाग के डाटा के अनुसार 12 हजार 651 कार्डधारक घटे हैं जिससे कार्डधारकों की संख्या 1 लाख 37 हजार 479 पर हो गई है। सितंबर में 12 हजार 651 कार्डधारक क्रीड विभाग की जांच में अपात्र पाए गए हैं और उनके राशन कार्ड कटे हैं।
विभाग ने उन कार्डधारक परिवारों को मैसेज भी भेजे हैं, जिन्होंने पीपीपी में अपनी आय का सत्यापन नहीं किया है या वार्षिक आय शून्य दिखाई है। इन परिवारों को अपनी आय सत्यापित करवाने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है।
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विभाग के अनुसार कार्डधारकों की ओर से स्वास्थ्य व शिक्षा पर किए जा रहे खर्च से लेकर उनके बैंक खातों, पैन कार्ड और वाहनों की जानकारी एकत्र की गई और जांच में देखा गया कि संबंधित व्यक्ति की आय सीमा वास्तव में बीपीएल श्रेणी के तहत आती है या नहीं। जिनके पास चार पहिया वाहन, गुड्स एंड कैरियर वाहन या मोटी सैलरी की नौकरी थी, वे अपात्र पाए गए।

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अपात्रों के बीपीएल कार्ड काटे गए
बच्चों की पढ़ाई, इलाज और परिवार की अन्य जरूरतों पर हो रहे खर्च के आंकड़े भी एकत्र कर आय की वास्तविक स्थिति जांची गई। इस तरह से अपात्रों के बीपीएल कार्ड काटे गए हैं। अगर वह ऐसा सही तरीके से नहीं कर रहे या उनकी आय विभाग को जांच में ज्यादा मिल रही है तो उनके राशन कार्ड काटे जा रहे हैं। वहीं विभाग ने जिलेभर के लोगों के नाम पर दर्ज जमीनों की जांच भी की है। इसमें शहर में जिस कार्डधारक के नाम 100 गज से अधिक का व गांव में 200 गज से अधिक प्लाट मिल रहा है। तो उनके कार्ड भी काटे जा रहे है।

वर्जन

जिले के सभी कार्डधारकों का सत्यापन किया जा रहा है। जिन लोगों के पास पात्रता से अधिक संपत्ति या आय है, उन्हें बीपीएल व एएवाई श्रेणी से बाहर किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।-दीपक चौहान, जिला प्रबंधक, नागरिक संसाधन सूचना विभाग।
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