रेवाड़ी। वन विभाग ने मानसून सीजन में पौधरोपण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले की सात नर्सरियों में इस बार विभिन्न प्रजातियों के 6 लाख 4 हजार 123 छोटे व बड़े पौधे तैयार किए गए हैं। इनका वितरण और रोपण एक जुलाई से शुरू होगा। सरकारी भूमि, सड़कों, नहरो व जोहड़ के किनारे, पंचायत और अरावली क्षेत्र में पौधे रोपे जाएंगे।
वन विभाग की ओर से सरकारी व निजी स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, किसानों और सामाजिक संस्थाओं को पौधे मुफ्त वितरित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।
नर्सरियों में इस बार आम, पीपल, बरगद, शीशम, जामुन, अर्जुन, आंवला, बेलपत्र, नीम, गुलमोहर, अमलतास, अशोक, पपीता, तुलसी, गुड़हल, चंपा, सीताफल, नींबू और एलोवेरा सहित कई प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए हैं।
अरावली क्षेत्र के लिए ढोक, गंगेरन, ककेरा व चामरोड जैसी प्रजातियां तैयार की गई हैं। जिले की रेवाड़ी, बावल और नाहड़ रेंज की सात नर्सरियों में पौधे तैयार किए गए हैं।
इनमें जेएलएन नहर व मनेठी नर्सरी में सबसे अधिक करीब 2.35 लाख पौधे तैयार हुए हैं। इसके अलावा नाहड़, गुड़ियानी, बेरली, बावल व शहबाजपुर नर्सरी में भी हजारों पौधे तैयार किए गए हैं।
जिले में वन विभाग के पास करीब 4935 हेक्टेयर क्षेत्र उपलब्ध है जहां पौधरोपण किया जाएगा। इसमें अरावली क्षेत्र, सड़क किनारे, नहरों के पास, रेलवे भूमि और रिजर्व फॉरेस्ट शामिल हैं।
पर्यावरण संरक्षण की अपील
रेवाड़ी रेंज के आरएफओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि मानसून के दौरान लगाए गए पौधों की देखभाल जरूरी है। प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। तभी इसका वास्तविक लाभ मिल सकेगा। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि मानसून में अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें। बढ़ते प्रदूषण को रोकने और बेहतर वातावरण के लिए यह जरूरी कदम है।