बावल। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कच्चे सफाईकर्मियों को पक्का करने, निकाले गए कर्मचारियों को बहाल करने आदि मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने पांचवें दिन मंगलवार को भी नगरपालिका परिसर में धरना दिया।
धरने की अध्यक्षता विजय कुमार ने की। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, विभागीय कर्मचारियों को न्यूनतम 30 हजार रुपये वेतन देना और गुरुग्राम में निकाले गए 3480 कर्मचारियों की दोबारा बहाली करना उनकी प्रमुख मांगे हैं।
विजय कुमार ने कहा कि ये सभी मांगें कर्मचारियों के हित में हैं और इन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। कहा कि एक ओर सफाई कर्मचारियों को कोरोना काल में कोरोना योद्धा कहा गया, वहीं दूसरी ओर अब उनके हितों की अनदेखी की जा रही है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। इस अवसर पर अशोक कुमार, नैना, बबीता, शीला, किरण, संदीप, योगेश, जवाहर सिंह, सुमन, कमलेश, रोहताश उपस्थित रहे।
-
शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सफाई व्यवस्था ठप है। पांच दिनों से सफाई कार्य बंद होने के कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। मुख्य बाजार सहित कई इलाकों में गंदगी का अंबार दिखाई दे रहा है। नालियां कचरे से भरी हुई हैं, जिससे बदबू फैलने लगी है और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कूड़े के ढेरों में दिनभर आवारा पशु घूमते रहते हैं, जिससे स्थिति और भी खराब हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई, तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।