रेवाड़ी। सीएम फ्लाइंग की टीम ने सोमवार को झज्जर रोड पर स्थित बिजली निगम के सब डिवीजन कार्यालय में जांच की। इस दौरान 25 कर्मचारियों में 7 कर्मचारी गैरहाजिर मिले। बिजली कनेक्शन की 64 फाइलें भी लंबित मिलीं। सीएम फ्लाइंग की टीम ने कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट बड़े अधिकारियों को भेजी है।
बिजली निगम के सब डिवीजन कार्यालय में सीएम फ्लाइंग की टीम के पहुंचते ही कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। जांच सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर सतेंद्र और मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र यादव के नेतृत्व में की गई।
टीम ने सबसे पहले हाजिरी रजिस्टर और कार्यालय से जुड़े अन्य रिकॉर्ड की गहन जांच की। इस दौरान पाया गया कि कुल सात कर्मचारी ड्यूटी से नदारद हैं। इनमें दो जूनियर इंजीनियर (जेई), दो लाइनमैन, दो असिस्टेंट लाइनमैन और एक लोअर डिवीजन क्लर्क शामिल थे।
इस सब डिवीजन कार्यालय में कुल 25 कर्मचारी कार्यरत हैं। कार्यालय में 64 बिजली कनेक्शन की फाइलें भी लंबित मिलीं, जिन्हें समय पर निपटाया नहीं गया था। 41 बिजली कनेक्शन से संबंधित फाइलें ओवरड्यू मिलीं। टीम ने इसे विभागीय लापरवाही माना है।
सीएम विंडो पर दर्ज 11 शिकायतें बिना कार्रवाई के मिलीं
सीएम विंडो पर दर्ज की गई 11 शिकायतें भी बिना कार्रवाई के पड़ी मिलीं। 5 शिकायतें तो ओवरड्यू पाई गई जबकि सीएम विंडो को आमजन की समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम माना जाता है। शिकायतों के निपटारे में ढिलाई ने अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
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कार्रवाई के लिए भेजी रिपोर्ट
निरीक्षण के समय कामकाज व्यवस्थित तरीके से नहीं चल रहा था। टीम ने लंबित कार्यों और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों की रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी है, ताकि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सके। छापेमारी के बाद यह भी चर्चा रही कि यदि टीम समय पर न पहुंचती तो अनियमितताएं लगातार जारी रहतीं। सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई से बिजली निगम के अन्य दफ्तरों में भी खलबली मच गई है।