अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। रोडवेज की तालमेल कमेटी के आह्वान पर की गई हड़ताल चौथे दिन यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। हड़ताल के चौथे दिन 20 नए चालकों ने कमान संभाली। इस दौरान रोडवेज प्रशासन केवल 23 बसों का ही संचालन कर पाया और हड़ताली कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 466 पर पहुंच गई है। उधर, प्रति किलोमीटर दर पर स्कूल बसों को चलाने की योजना में भी स्कूली संचालकों ने रुचि नहीं दिखाई। हालांकि तीन प्राइवेट बसों को इस अनुबंध पर संचालित किया गया।
चालक-परिचालकों के हड़ताल पर रहने के बाद अब रोडवेज का मिनिस्ट्रीयल स्टाफ भी हड़ताल में शामिल हो गया है जिसके बाद हालात और अधिक बिगड़ गए हैं। इस वजह से हड़ताली कर्मचारियों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है और शुक्रवार को रेवाड़ी डिपो के 466 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इनमें 166 चालक और 187 परिचालकों के साथ 113 क्लर्क व अन्य विभागों के कर्मचारी हैं। इससे पहले लगभग 350 कर्मचारी ही हड़ताल पर थे लेकिन अब अन्य कर्मचारियों के शामिल होने के बाद रोडवेज कर्मचारी यूनियनों को सांस मिल गई है जिसके चलते उन्होंने शुक्रवार को तीन दिन और हड़ताल बढ़ाने का ऐलान कर दिया है।
महाप्रबंधक की कार के चालक ने भी संभाली कमान
लगातार बढ़ती हड़ताल की वजह से यात्रियों की भी मुश्किल बढ़ने लगी है और दशहरा पर्व की वजह से वीरवार देर शाम तक यात्रियों को बसों के लिए भटकना पड़ा। उधर, अप्रैल में हुई भर्ती में सफल चालकों में से 20 ने वीरवार को अपना कार्यभार संभाल लिया जिसके बाद अब डिपो के पास बसों को चलाने के लिए केवल 23 चालक हैं जिसमें दो अनुबंध के हैं और एक महाप्रबंधक की कार का चालक है।
प्रति किमी दर में नहीं दिखाई स्कूल संचालकों ने रूचि
हड़ताल से निपटने के लिए रोडवेज प्रबंधन ने निजी बस संचालकों के साथ स्कूल संचालकों से प्रति किलोमीटर की दर से बस संचालन का अनुरोध किया है। इस दौरान वीरवार को 23 निजी बस संचालक पहुंचे थे लेकिन शुक्रवार को केवल तीन निजी बसों का ही संचालन हो पाया। वहीं स्कूल संचालकों ने बसों के संचालन में कोई रूचि नहीं ली है जिसकी वजह से जिला में एक भी स्कूल बस यात्रियों की सुविधा के लिए नहीं आई है।
पुलिसकर्मी बन रहे हैं परिचालक
परिचालकों के भी हड़ताल में शामिल होने के बाद रोडवेज के लिए उपलब्ध चालकों से भी बसों का संचालन करना मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को भी पुलिस कर्मियों और होमगार्ड को रोडवेज चालकों के साथ टिकट काटने के लिए भेजा गया।
रोडवेज को अब तक 55 लाख का नुकसान
रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि रेेवाड़ी डिपो की 151 बसों में लगभग 130 बसों का संचालन होता है। ये बसें प्रतिदिन साढ़े 48 हजार किलोमीटर का सफर तय करते हुए लगभग साढ़े 13 लाख रुपये प्रति की आमदनी देती है। चार दिनों से चल रही हड़ताल से डिपो को अब तक लगभग 55 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।