अमर उजाला ब्यूरो
बावल। बावल के मोहनपुर गांव से लापता नाबालिग छात्रा की बरामदगी को लेकर बावल चौरासी की महापंचायत के तेवर पुलिस के प्रति और कड़े हो गए हैं। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा पुलिस के आश्वासनों पर विश्वास नहीं है इसलिए हमें लगता नहीं है कि पुलिस 23 अक्तूबर तक छात्रा को बरामद कर देगी। पुलिस के दावों में इतना दम है तो वह 27 जून से अब तक की कार्रवाई को पंचायत के सामने रखे ताकि महापंचायत को विश्वास हो सके। अब इस मामले में 24 अक्तूबर को फिर महापंचायत बुलाई गई है जिसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी।
शुक्रवार को भी महिला कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता वंदना पोपली ने पहुंचकर पंचायत को समर्थन दिया। वहीं एम्स की मांग को लेकर मनेठी में धरने पर बैठी पंचायत ने भी बावल में धरना स्थल पर पहुंचकर पंचायत प्रतिनिधियों को 5100 रुपये की सहायता देते हुए समर्थन की घोषणा की। गौरतलब है कि मोहनपुर की नाबालिग को गायब हुए 107 दिन हो चुके हैं, लेकिन उसका कहीं अता-पता नहीं है। बावल में पिछले 12 दिनों से महापंचायत का धरना चल रहा है। 16 अक्तूबर को महापंचायत हो चुकी है। महापंचायत में लगभग सभी दलों के नेता आ चुके हैं। नेताओं का धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन देने का सिलसिला अभी भी जारी है। कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता वंदना पोपली ने कहा कि पुलिस प्रशासन की नीयत में खोट है। पुलिस केवल झांसा दे रही है। वहीं भारतीय किसान संघ के प्रदेश महासचिव एंव बावल चौरासी की 51 सदस्यीय समिति के सदस्य रामकिशन महलावत ने कहा कि नाबालिग की बरामदगी को लेकर अभी तक पुलिस की ओर से उन्हें आश्वासन ही मिले हैं, लेकिन अब वे ज्यादा भरोसा नहीं करेंगे। एसपी राहुल शर्मा ने 16 अक्तूबर की महापंचायत में एक सप्ताह का समय मांगा था, जो जल्द ही समाप्त होने वाला है। यदि नाबालिग के बारे में कोई संतोषजनक बात सामने नहीं आई है। अब 24 अक्टूबर को पुन: महापंचायत होगी। इस दौरान माड़ाराम, सूबेदार रामचंद्र टीकला, रामचंद्र गुर्जर, जिला प्रमुख मंजू बाला, जगदीश डहीनवाल, श्याम सुन्दर सभरवाल, राम सिंह नम्बरदार, रामपत नम्बरदार, डीडी पंवार, कर्नल जेआर चौकन व ईश्वर महलावत मौजूद थे।