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डंपिंग प्वाइंटों से नहीं हो रहा कूड़े का उठान, लोग हो रहे हैं परेशान

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डंपिंग प्वाइंटों से नहीं हो रहा कूड़े का उठान, लोग हो रहे हैं परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। शहर के डंपिंग प्वाइंटों से तीन चार दिन तक कूड़े कचरे का उठान नहीं होने से शहर के लोग परेशान हैं। गंदगी के कारण लोग मुंह ढककर चलने को मजबूर हैं। इस बारे में नगर परिषद को शिकायत करने के बावजूद कूड़े का नियमित उठान नहीं हो पा रहा है। हालात यह हैं कि डंपिंग प्वाइंटों के आसपास मौजूद स्कूल, बाजार, अस्पताल में मौजूद लोग उठने वाली बदबू से परेशान हैं।
नगर परिषद के अब कचरा उठाने के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है बावजूद इसके शहर में हालात बेहद खराब है। आलम यह है कि डंपिंग प्वाइंट से नियमित तो दूर तीन से चार दिनों के अंतराल बाद कचरा उठाया जा रहा है। अब बारिश का मौसम होने की वजह से लोगों के लिए आसपास रहना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा जिस स्वच्छता अभियान के नाम पर बार-बार अभियान चलाया जाता है उसकी धरातल पर सच्चाई कम नजर आती है। यह हालात तो इसके बावजूद है जब नगर परिषद के पास दो डंपर, जेसीबी, ट्रैक्टर और कचरा उठाने के लिए 75 से अधिक कर्मचारी हैं। बावजूद इसके शहर में ज्यादातर हिस्सों में लोगों की शिकायत यह बनी हुई है कि नगर परिषद की तरफ से नियमित रूप से कचरे का उठान नहीं किया जा रहा है। तीन दिन के दौरान हुई बरसात में भी शहर की सफाई व्यवस्था की पूरी तरह पोल खोल दी है। पहले से गंदगी से लबालब नालियों का पानी सड़क पर बहता नजर आता है। इसी प्रकार गली- मोहल्लों में बिखरा कूड़ा भी बहकर सड़क पर आ गया है। नगर परिषद ने शहर में करीब 26 डंपिंग प्वाइंट बनाए हैं। सभी बेहाल हैं।
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पुराना शहर में बदतर हालात
शहर के मोहल्ला गोल चक्कर, राजीव नगर, कायस्थवाड़ा, धारूहेड़ा चुंगी, मुक्ति हवेली, मॉडल टाउन, अंबेडकर चौक, मोहल्ला बाससिताबराय, सती कॉलोनी सहित अन्य प्वाइंटों से नियमित रूप से कचरे का उठान नहीं हो रहा है। अंबेडकर चौक का डंपिंग प्वाइंट तो सरकुलर रोड पर ही है। इसके आसपास अस्पताल हैं। इससे उठने वाली बदबू से मरीज भी परेशान हैं। इसी तरह मॉडल टाउन में पुराना कोर्ट परिसर में डंपिंग प्वाइंट बना हुआ है। यहां पर चाट की 50 से अधिक रेहड़ियां लगती हैं। यहां पर लोगों के लिए खड़ा रहना भी मुश्किल है। इसी तरह मोहल्ला बाससिताबराय का डंपिंग प्वाइंट आवासीय क्षेत्र में है। राजीव नगर का डंपिंग प्वाइंट सेक्टर चार के मुख्य प्रवेश द्वारा है। सती कॉलोनी का भी डंपिंग प्वाइंट नाईवाली चौक के पास है। सब्जी मंडी भी इसी के पास लगती है। धारूहेड़ा चुंगी का डंपिंग प्वाइंट आबादी क्षेत्र में है। यहां से दो से तीन दिनों तक कचरे का उठान नहीं होता है।
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बारिश की वजह से कुछ क्षेत्रों में अवश्य परेशानी आ सकती है लेकिन हमारा प्रयास रहता है कि सभी डंपिंग यार्ड से नियमित रूप से कचरा उठाया जाए। इस कार्य में किसी भी तरह की कोताही सहन नहीं की जाएगी तथा जो कर्मचारी लापरवाही करते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - मनोज यादव, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद


बारिश के दौरान पूरे शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। एक तरफ नगर परिषद ने नालियों की भी सफाई नहीं कराई है वहीं दूसरी तरफ डंपिंग यार्डों से नियमित रूप से कचरा भी नहीं उठाया जा रहा है। अब हालात यह है कि ज्यादातर डंपिंग यार्डों से नियमित रूप से कचरा नहीं उठाया जा रहा है। - अंकित कुमार
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प्रशासनिक अधिकारी कभी भी धरातल पर आकर सफाई व्यवस्था का हाल नहीं देखते हैं। दिखावा के नाम पर कितने बार सफाई अभियान चलाए जा चुके हैं लेकिन अब जो शहर की हालत वह कभी भी नहीं हुई है। सड़कों से लेकर तमाम स्थानों पर बारिश का पानी जमा है। सफाई नहीं होने से गंदगी के ढेर लगे हैं। - पवन कुमार
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नगर परिषद के पास सफाई व्यवस्था के पर्याप्त संसाधन हैं फिर भी शहर को कचरे से मुक्ति नहीं मिल रही है। आखिरकार सरकार को भी सोचना चाहिए कि जब इतने संसाधन उपलब्ध कराने के बाद भी कोई सुधार नहीं होता है तो क्या किया जा सकता है। शहर को गंदगी से निजात तो मिले। - विक्रम सिंह
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शहर के डपिंग यार्डों से नियमित रूप से कचरा नहीं उठाया जा रहा है। इसकी वजह से कचरे के ढेर लगे हैं। ऐसे में सबसे अधिक मुश्किल हो गई है। आबादी क्षेत्र में जो डपिंग यार्ड है उनके आसपास रहने वालों के लिए बड़ी मुश्किल हो गई है। नगर परिषद की तरफ से समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। - उत्तम सिंह
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