वीरवार सुबह पांच बजे से 10 बजे तक लगातार पांच घंटे तक हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। इधर, शहर में जलभराव के चलते लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ा। रेवाड़ी में 54 व पाल्हावास क्षेत्र में 110 एमएम बारिश से जिले में बाजरा व कपास फसल की रुकी बढ़ते दोबारा शुरू होने में यह वरदान साबित होगी। कुछ स्थानों पर पूरी रात रिमझिम बारिश होती रही।
बता दें कि जिले में 50 हजार हेक्टेयर में बाजरा व 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की फसल लगी हुई है। लेकिन बारिश की कमी से किसानों की चिंता बढ़ी हुई थी। नाहड़ में जाटूसाना में 40, मनेठी में 55, कोसली में 38, नाहड़ में 20, धारूहेड़ा में 09, डहीना में 02 व बावल में 07 एमएम बारिश दर्ज की गई। वीरवार को हुई बारिश से शहर के मॉडल टाउन, राजीव नगर, नागरिक अस्पताल के पास, नई सब्जी मंडी, नई बस्ती, दुर्गा कॉलोनी, शहर के सेक्टर- 4 सहित कई कॉलोनियों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश से बाजरा में दाना हो सकेगा पूरा
जिले में बाजरा व कपास की फसल पूरी तरह से बारिश पर निर्भर रहती है। लेकिन इस बार जिले में उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं होने से पैदावार में भी कमी की आशंका व्यक्त की जा रही थी। उपमंडल कृषि अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि लंबे समय से बारिश नहीं होने से फसलों की बढ़वार रुकी हुई थी। इस बारिश से बाजरे की फसल में कीट प्रबंधन भी होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने खेतों की मेढ़ ऊंची कर देनी चाहिए, ताकि बारिश का पानी रुका रहे।
सेक्टर- 4 सड़कें बदहाल, जिम्मेदारों के दावे भी हुए फेल
बारिश से पहले जिम्मेदारों की ओर से पर्याप्त जल निकासी के दावे किए गए थे। लेकिन शहर में अभी तक हुई दो बारिश में ये सभी दावे फेल नजर आए हैं। पहली बारिश में बारिश का पानी जहां अस्पताल के अंदर तक पहुंच गया था, वहीं वीरवार को भी शहर की सड़कों हालत बदतर दिखाई दिए। सेक्टर- 4 में बीच में सड़क निर्माण कार्य छोड़े जाने से सड़कें बदहाल हैं। सेक्टर- 4 की ड्रेनेज लाइन भी ब्लॉक पड़ी हुई है। ऐसे मेें लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जहां से पानी निकला, वहां पर गंदगी जमा होने से स्थिति खराब है।