गाय केवल वोट लेने माध्यम : गोपाल मणि
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
देश की जनता का दुर्भाग्य कहें या कुछ और ही। आजादी के 70 साल बीतने के बावजूद देवी के रूप में पूजी जाने वाली गाय को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए लोगों को सडक़ों पर उतरना पड़ रहा है। गाय को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने के लिए 18 फरवरी को देशभर से गोभक्त रामलीला मैदान में जुटेंगे। ये बातें गोपाल मणि ने वीरवार को सेक्टर तीन में गणेशी लाल गोयल धर्मशाला में आयोजित गो रक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं।
मणि ने कहा कि हिन्दू समाज के लिए हमेशा से गाय पशु नहीं माता के समान रही है। जिस बच्चे ने 10 साल तक कि आयु तक गाय का दूध पिया है वह आजीवन संस्कारी रहा है। गायत्री मंत्र भी गाय का ही मंत्र है। प्रदीप ने कहा कि गाय माता अब केवल वोट लेने का ही माध्यम बन कर रह गयी है। वर्ष 2014 से उनके द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के बावजूद देश की सरकारें इस ओर कोई ध्यान नहीं दे पाई हैं। यही कारण है कि अब फिर से उन्हें सडक़ों पर उतरने को विवश होना पड़ा है। इस अवसर पर अशोक गोयल, दिनेश गोयल, हितेष गोयल, हेमंत गोयल, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश ग्रोवर, डॉ एसएन सक्सेना, डॉ तारा सक्सेना, आनंद स्वरूप डाटा, एमपी गोयल, एडवोकेट मान सिंह गुप्ता, डीपी गर्ग, अजय मित्तल, अमित गुप्ता, अरुण गुप्ता, सुनील ग्रोवर, राकेश जैन, संजय जैन सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।