रेवाड़ी। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन यशेंद्र सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार ने महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा की अवधि को 28 जून 2021 सुबह पांच बजे तक बढ़ा दिया है। जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा नई हिदायतें जारी की गई हैं।
नई हिदायतों के अनुसार जिले में सभी दुकानों को अब सुबह 9 से लेकर रात आठ बजे तक खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। साथ ही कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए सुबह 10 बजे से रात आठ बजे तक मॉल भी खोले जा सकेंगे। रेस्टोरेंट, बार (होटल अथवा मॉल में स्थित हैं) सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक 50 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ खोलने की इजाजत है। लेकिन कोविड गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। होटल, रेस्टोरेंट व फास्ट फूड प्रतिष्ठानों से होम डिलिवरी की अनुमति रात 10 बजे तक रहेगी। जिले में स्थित धार्मिक स्थल एक समय में 50 लोगों की उपस्थिति के साथ खुल सकते हैं। उक्त अवधि में एक दूसरे से उचित सामाजिक दूरी का पालन, मास्क का उपयोग व अन्य स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना होगा। कॉर्पोरेट ऑफिसों में सभी कर्मचारी आ सकते हैं, जिसमें कोविड गाइडलाइन की गंभीरता से पालन करना होगा। विवाह समारोह में व अंतिम संस्कार के दौरान 50 लोग शामिल हो सकते हैं, जबकि बरात की अनुमति नहीं होगी। गोल्फ कोर्स के क्लब हाउस, रेस्टारेंट, बॉर में भी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलने की अनुमति सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक की रहेगी तथा कोविड गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करना होगा।
50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुल सकेंगे जिम
नई गाइडलाइन के अनुसार जिम सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलने की अनुमति रहेगी और कोविड गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करना होगा। सभी उत्पादन इकाइयों, प्रतिष्ठानों, उद्योगों को कार्य करने की अनुमति है। हालांकि उन्हें कोविड-19 के तहत निर्धारित मानदंडों की कड़ाई से पालन करना होगा। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स व स्टेडियम को खेल गतिविधियों के लिए खोलने की अनुमति प्रदान की गई है, लेकिन दर्शकों की अनुमति नहीं है। जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी खेल परिसर में सामाजिक दूरी, नियमित सैनिटाइजेशन व कोविड नियमों की पालना सुनिश्चित करेंगे। स्वीमिंग पुल व स्पा बंद रहेंगे। संबंधित एसडीएम अपने-अपने अधीन क्षेत्रों में आदेशों का दृढ़ता से पालन सुनिश्चित करेंगे। उपायुक्त ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 व धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।