एसपी ने दिया किराएदारों का सत्यापन कराने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। जिलाधीश अशोक शर्मा द्वारा धारा-144 के तहत जिला में रहने वाले किराएदारों एवं औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों के पुलिस वेरिफिकेशन की अनिवार्यता लागू करने के बाद पुलिस अधीक्षक ने भी सभी किराएदारों एवं श्रमिकों का वेरिफिकेशन कराने के निर्देश जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने बताया कि जिलाधीश के आदेशों बाद अब जिले में रहने वाले किरायेदारों का सत्यापन जरूरी हो गया है। उपायुक्त ने धारा-144 लागू कर उसे प्रभावी ढंग से लागू करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि आपराधिक वारदातों को रोकने के लिए पुलिस के पास किराएदारों एवं कंपनियों में कार्यरत श्रमिकों का रिकार्ड होना बेहद सहायक होता है इसलिए सबसे पहले किराएदारों के सत्यापन को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया था। जिसमें मकान मालिकों को किराएदार का ब्यौरा रखने का भी लिखा गया है। उपायुक्त अशोक शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेकर धारा-144 लागू कर दी है। जिलाधीश ने आदेश दिया कि जिले में किसी भी स्थान पर रहने वाले किरायेदारों का पूरा ब्यौरा मकान मालिक को रखना होगा। इसके अलावा संबंधित थाने में किराएदार की वेरिफिकेशन भी करानी होगी। इससे एक तरह किराए पर रहने वाले लोगों का पूरा डाटा एकत्रित होगा। वहीं बाहर से आकर जिले में क्राइम करने वाले लोगों पर भी अंकुश लगेगा।
-----
हजारों की तादात में रहते है बाहरी लोग
एसपी दुग्गल ने बताया कि धारूहेड़ा व बावल औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां स्थित कंपनियों में यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान तथा महाराष्ट्र सहित प्रदेश के अन्य जिलों के लोग काम करते हैं। ऐसे लोगों को किराए का मकान भी आसानी से मिल जाता है, लेकिन मकान मालिक उनका सत्यापन नहीं कराते हैं। ऐसे में अगर कोई वारदात हो जाती है तो फिर अपराधी की पहचान करना पुलिस के लिए मुश्किल हो जाती है। अगर प्रत्येक किराएदार का सत्यापन होगा तो उससे पुलिस के साथ-साथ आम लोगों को लिए भी काफी फायदा होगा।