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किया नमन,,,,,,,,,,

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महान शहीदों की बदौलत आज हम गणतंत्र और स्वतंत्र
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
राष्ट्र बोध की कविताओं के बीच क्षेत्र के रचनाकारों ने मां भारती और राष्ट्र के सपूतों को नमन किया। मौका था अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं जिमखाना क्लब सांस्कृतिक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शहीद स्मृति-काव्य गोष्ठी का। कवियों ने जहां राष्ट्र बोध की कविताओं से शहीदों को नमन किया। वहीं वर्तमान समस्याओं पर चिंतन करने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रणधीर सिंह कापड़ीवास भी कवियों के रंग में रंगे नजर आए और प्राचीन काव्यमय उदाहरण देकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी।
जिमखाना क्लब में आयोजित कार्यक्रम का आगाज मां सरस्वती एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन करके किया गया। वरिष्ठ रचनाकार एवं साहित्य परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री प्रो. रमेशचंद्र शर्मा ने दिव्य किरण सी जगर-मगर से, जय ज्योतिर्मयी से भारत की मां की वंदना की। उन्होंने ये गणतंत्र हमारा है... कविता की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। कवियों ने कविताओं के माध्यम से राष्ट्र के साथ-साथ देश पर जान न्योछावर करने वाले शहीदों को नमन किया। परिषद् महासचिव गोपाल वशिष्ठ के संचालन में चले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कापड़ीवास ने कहा कि कवि स्वयं एक संस्कृति है, तरंग है उमंग है और ज्ञान की खान है। रामायण काल से कविता एवं कवि का विशेष महत्व है। काव्यमय माहौल में वे भी कविता सुनाने का मोह भी छोड़ नहीं पाए। उन्होंने हरियाणवी शैली में रामायण एवं गीता को कविता का जीवंत उदाहरण बताते हुए अनेक घटनाओं एवं गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों के बलिदान को मार्मिक तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि शहीदों का ऋण उतारा नहीं जा सकता, उन्हीं की बदौलत हम गणतंत्र और स्वतंत्र हैं।
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लोक कवि सत्यवीर नाहड़िया ने अपने अनूठे अंदाज में कहा- प्राणों से प्यारा हो, ये देश हमारा हो, विश्व गुरु सोने की चिड़िया दोबारा हो। गोपाल वशिष्ठ ने... बस प्रेम सुधा बरसे, न कोई दंगा हो। हर दिल में हिंद बसे, हर हाथ तिरंगा हो। युवा कवि मुकुट अग्रवाल के गीत- भारत माता नमो नम:, विश्व गुरु नमो नम: ने खासी सराहना पाई। प्रेमपाल अनपढ़ ने कहा - खंडित होते भारत को तुम, मिलकर सभी बचा लो। देश की स्थिति का बयान करती पूनम वधवा की कविता शेषनाग एवं विष्णु की वार्ता को विशेष रूप से सराहा गया। महेंद्र मधुर ने - मैं बुझते दीप जलाने आया हूं, भूलों को राह दिखाने आया हूं से सराहना पाई। कवयित्री ब्रिजेश ने - कुछ दर्द मेरे सीने में है और आंखों में पानी है कहा तो मधु चौहान ने - आओ मिलकर दें उन्हें सलामी, जिनकी बदौलत बना देश महान कहकर नमन किया।
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दलबीर सिंह फूल ने हर देशवासी के दिल में तिरंगा ही तिरंगा है .. कहकर, तो तनुज कुमार ने - राष्ट्र भारत है हमारा, लगाओ जयहिंद का नारा कहकर नमन किया। इस मौके पर नन्हे कवि लक्ष्य शर्मा के साथ-साथ भाजपा नेत्री दीपा भारद्वाज ने भी कविता प्रस्तुत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिमखाना क्लब कल्चरल अकादमी के अध्यक्ष डॉ. कंवर सिंह यादव ने की। उन्होंने विधायक से जिमखाना में कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रखने में सहयोग देने की अपील की। कार्यक्रम में पूर्व जिला रोजगार निदेशक अशोक यादव, परिषद के अध्यक्ष आचार्य रामतीर्थ ने भी शहीदों को नमन किया। इस मौके पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरीश यादव, मार्केट कमेटी के चेयरमैन राव गुरदयाल नंबरदार, क्लब के मैनेजर आर एस चौहान, कमांडर गजराज सिंह, अरुण गुप्ता, सतीश गौड़, दिनेश कपूर, सरोज यादव समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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