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Rewari News: माैत उड़ रही है...गर्दन बचाइये

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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। प्रतिबंध के बावजूद शहर में धड़ल्ले से चीन निर्मित मांझा बिक रहा है। पुलिस की लापरवाही से रविवार को मांझे से गला कटने से एक 10 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई थी और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

बच्ची की माैत के बाद सोमवार को जागे पुलिस प्रशासन ने चार दुकानदारों को चीन निर्मित मांझे के साथ गिरफ्तार किया। इस दाैरान दुकानदारों से 39 रोल बरामद किए गए।
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पुलिस ने बल्लूवाड़ा मोहल्ला में दुकानदार त्रिवेंद्र गुप्ता को चीन निर्मित मांझे के साथ पकड़ने के लिए 500 रुपये के नोट पर 27 नंबर लिखकर मांझा खरीदा। मांझा देते ही पुलिस ने त्रिवेंद्र गुप्ता को हिरासत में ले लिया। उसके पास प्लास्टिक के कट्टे में रखा 13 रील चीन निर्मित मांझा बरामद किया गया है।

इसी तरह अन्य तीन दुकानदारों पर भी पुलिस ने शिकंजा कसा। लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की साथ ही सवाल भी उठाया अगर पुलिस यह कार्रवाई पहले करती तो बच्ची की जान नहीं जाती।

तीज के बाद पतंगबाजी हो जाती है कम : तीज के बाद पतंगबाजी कम हो जाती है। ऐसे में पुलिस की अब की गई कार्रवाई सवालों के घेरे में है। तीज से पहले ही ये कार्रवाई की जानी चाहिए थी। तीज पर चीन निर्मित मांझे से खूब पतंगें उड़ी थीं, जबकि पुलिस ने कहा था कि इस मांझे से पतंग उड़ाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी, मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।

13 जुलाई को ही केवल एक विक्रेता पर नाममात्र की कार्रवाई की गई थी। उसके बाद पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की। अब जब दुर्घटना सामने आई तो पुलिस एक्शन में है।

शहर में ताबड़तोड़ कार्रवाई : चौकी भाड़ावास गेट पुलिस ने सोमवार को चीन निर्मित मांझा बेचने के तीन अलग-अलग मामलों में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान पुरानी सब्जी मण्डी नजदीक गारदा मस्जिद रेवाड़ी निवासी अशोक कुमार व चन्दु, मोहल्ला तेलीवाड़ा रेवाड़ी निवासी प्रकाश व मोहल्ला बल्लूवाड़ा निवासी त्रिवेंद्र गुप्ता के रूप में हुई है।
प्लास्टिक मांझा 250 से लेकर 700 किलो के हिसाब से बिकता है। बच्चे इस मांझे को खूब पसंद करते हैं। चीन निर्मित मांझे का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि यह काफी मजबूत होता है। जल्दी तोड़ने से भी नहीं टूटता है जो धागों से बना हुआ मांझा होता है वह जल्दी टूट जाता है। धागे वाले मांझे से जब भारी पतंग उड़ाया जाता है तो वह कई बार तेज हवा की वजह से अपने आप ही टूट जाता है, जबकि चीन निर्मित मांझा मजबूती की वजह से नहीं टूटता है।
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इसी वजह से इस मांझे का उपयोग अधिक किया जाता है। धागे वाला मांझा ज्यादा मजबूत न होने की वजह से चीन निर्मित मांझे की टक्कर में उसका 20% भी नहीं है। पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि प्रशासन ने चीन निर्मित मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है। पतंग उड़ाने वालों को उड़ान से पहले अपने धागे की जांच परख करनी होगी कि कहीं वे जिस मांझे का इस्तेमाल कर रहे हैं, कहीं वह चीन निर्मित मांझा तो नहीं है। संवाद
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