रेवाड़ी। जिले में किराए के भवनों में संचालित 35 आंगनबाड़ी केंद्रों को जल्द ही नए भवन मिलेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन केंद्रों के भवन निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार कराकर पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को मंजूरी के लिए भेजा है। मंजूरी मिलने के बाद सरकारी स्कूलों की खाली जमीन पर भवनों का निर्माण कराया जाएगा।
नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण नजदीकी सरकारी स्कूलों में उपलब्ध खाली जमीन पर किया जाएगा। निर्माण कार्य शिक्षा विभाग की ओर से कराया जाएगा, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग भवनों की गुणवत्ता और निर्माण की प्रगति की निगरानी करेगा। विभाग का प्रयास है कि स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाए।
इन भवनों के बनने से बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा, पोषण संबंधी गतिविधियों, खेलकूद और अन्य जरूरी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी।
गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं भी बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। विभाग का उद्देश्य किराए के भवनों में चल रहे केंद्रों को स्थायी, सुरक्षित और सुविधायुक्त भवन उपलब्ध कराना है।
20 गांवों में बनेंगे 35 नए भवन
जिले के 20 गांवों में 35 आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन बनाए जाएंगे। इनमें गंगायचा अहीर में दो, मीरपुर में तीन, ढालियावास, फिदेड़ी, भाड़ावास, पहराजवास, मांडैया, पाली, कुंड, लुहाना, कंवाली, जीवाड़ा, मस्तापुर और ढोकिया में एक-एक भवन बनाया जाएगा। वहीं गोठड़ा में चार, जैनाबाद में चार, लीसाणा में चार, मोतला कलां में दो, रोहड़ाई में दो और आसियाकी गौरावास में दो भवनों का निर्माण होगा।
मंजूरी मिलते ही शुरू होगा निर्माण
महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने बताया कि 35 आंगनबाड़ी केंद्रों के नवनिर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजे गए हैं। विभाग की ओर से निर्माण कार्य की गुणवत्ता व प्रगति की पूरी मॉनिटरिंग की जाएगी। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।