रेवाड़ी। दिल्ली-रेवाड़ी के बीच के ट्रैक का विद्युतीकरण कार्य पूरा होने के बाद अब 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से ट्रेन चलाने को हरी झंडी मिल गई है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा दस जनवरी को किए गए निरीक्षण के बाद ट्रैक की बारीकी से जांच करके ट्रेनों के संचालन की अनुमति दे दी गई है। गौरतलब है कि दिल्ली से रेवाड़ी होते हुए जयपुर, अजमेर और गुजरात महाराष्ट्र तक जाने वाला इस ट्रैक से प्रतिदिन लगभग 70 ट्रेनें गुजरती है। रेवाड़ी से वाया अलवर होते हुए ट्रैक पर रेल यातायात का दबाव अधिक होने के कारण इसका दोहरीकरण भी किया जा चुका है लेकिन अभी तक विद्युतीकरण का कार्य रेवाड़ी से दिल्ली के बीच अधूरा था। इस वजह से इस ट्रैक पर बिजली से चलने वाले इंजनों का संचालन नहीं हो रहा था। इसके चलते यहां के लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से इसके विद्युतीकरण की मांग की जा रही थी जिसके बाद लगभग तीन साल पहले इसका काम प्रारंभ हुआ था। अब दिसंबर माह में यह कार्य पूर्ण हो चुका है जिसके बाद अब इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजनों के संचालन की अनुमति मिल गई है। हालांकि अभी विद्युतीकरण का कार्य केवल अलवर तक ही हुआ है और अलवर से आगे होना है। इसके अलावा अलवर से बांदीकुई तक का भी ट्रैक सिंगल है जिसके दोहरीकरण कार्य चल रहा है और यह कार्य पूरा होने के बाद इस रूट की तमाम ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी।
रेलवे सुरक्षा आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों द्वारा किए निरीक्षण और ट्रायल में सभी व्यवस्थाएं बेहतर पाई हैं। ट्रायल के बाद अब इस ट्रैक पर 120 किमी की रफ्तार से ट्रेनों के संचालन को अनुमति मिल गई है।
-महेश शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी।