हाथों की लकीरें छीन रहीं मुंह का निवाला
प्रीतम सिंह
रेवाड़ी।
हाथों की लकीरें अब निवाले में बाधक बन रही हैं। बायोमीट्रिक हाजिरी से सैकड़ों लोग राशन से वंचित रह रहे हैं। डीएफएससी कार्यालय की मानें तो अभी 800 लोग उनके पास इस तरह की शिकायत लेकर आ चुके हैं। राज्य सरकार की तरफ से राशन वितरण में धांधली रोकने के लिए बायोमीट्रिक से राशन देने की व्यवस्था की गई। इसके लिए बाकायदा राशन डीलरों को मशीनें भी प्रदान की गई है। उपभोक्ताओं के फिंगर प्रिंट लेकर इन्हें आधार कार्ड से भी लिंक किया गया, लेकिन अब ये लकीरें ही राशन में बाधक बन रही हैं। कई जगह इनका मिलान नहीं होने से उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिल रहा है।
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इन गांवों में अधिक समस्या
यूं तो बायोमीट्रिक मशीन से मिलान नहीं होने से जिलेभर के उपभोक्ताओं को समस्या है। डीएफएससी कार्यालय की मानें तो जिले के सुलखा, बालावास, खरखड़ी, पीथनवास, कसोला, बनीपुर, ओढी, करनावास, बीदावास, झाबुआ, धरचाना, राजगढ़, रोलियावास, खटावली, खलीयावास, खिजूरी, कुंड, खोरी, भाड़ावास व जैतड़ावास गांवों में यह समस्या अधिक पाई जा रही है। यहां के करीब 800 उपभोक्ता इसकी शिकायत लेकर आ चुके हैं।
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ये है लाभार्थी
एएवाई-
शहरी-13891
ग्रामीण-32513
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बीपीएल
शहरी-34220
ग्रामीण-88850
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ओपीएच-
शहरी-2427
ग्रामीण-34783
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क्या कहते हैं लोग
हाथों की लकीरें नहीं मिलने के कारण उन्हें करीब दो माह से राशन नहीं मिल रहा है। डिपो धारक भी सहयोग करते हैं, लेकिन मशीन में उनका विवरण नहीं आ रहा है। - मुकेश, खरखड़ी।
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बायोमीट्रिक सिस्टम लागू करने के बाद उन्हें राशन के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कभी अंगुठे का निशान नहीं मिलता तो कभी मशीन में विवरण नहीं आता है। - दुर्गा देवी, पीड़ित।
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क्या कहते हैं अधिकारी
लोगों के सामने ऐसी समस्याएं आ रही हैं जिनका जल्द ही समाधान करा दिया जाएगा। जिले में करीब आठ सौ परिवारों के सामने यह समस्या आई है। इनके वारिस बनाकर राशन उपलब्ध कराया जाएगा। - अनिल यादव, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी रेवाड़ी