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पीजीआई में नर्सों की दो दिवसीय हड़ताल आज से, इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी चालू
वेतन नहीं बढ़ने से नाराज नर्सों ने जनरल बॉडी की बैठक में वर्क सस्पेंड का लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
वेतन वृद्घि व अन्य मांगों को लेकर लगातार विरोध कर रही पीजीआईएमएस की स्टाफ नर्सें अब आरपार की लड़ाई पर उतर आई हैं। इसी कड़ी में 13 मार्च को दो दिवसीय हड़ताल की जा रही है। इस दौरान वे काम नहीं करेंगी। इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। इस बारे में एक सप्ताह पहले अल्टीमेटम दिया गया था। सोमवार को नर्सिंग एसोसिएशन की जनरल बॉडी की बैठक में सभी वर्क सस्पेंड के फैसले पर सहमति बनी।
पीजीआईएमएस नर्सिंग एसोसिएशन के प्रधान अशोक यादव ने कहा कि स्टाफ नर्सें 13 व 14 मार्च को 11 से दोपहर एक बजे तक दो घंटे काम नहीं करेंगी। वे चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बाहर एकत्रित होंगी। यहां प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रकट किया जाएगा। इस दौरान मरीजों को होने वाली परेशानी के लिए प्रदेश सरकार व पीजीआई प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से अधिक समय से सरकार से अपना वेतनमान बढ़वाने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से प्रयास किया जा रहा था। सरकार ने इसे उनकी कमजोरी समझते हुए समस्या का समाधान नहीं किया। अधिकारियों की लापरवाही के चलते स्टाफ नर्सों में भारी रोष व्याप्त है। सरकार को सांकेतिक चेतावनी भी दी गई थी। विरोध स्वरूप नर्सों ने सात दिन काले बैज लगाकर काम किया। अब सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि नर्सों को 4600 ग्रेड पे के साथ, वर्दी भत्ता, नर्सिंग अलाउंस केंद्र की तर्ज पर दिया जाए। इसके साथ ही नर्सों के पद को नर्सिंग अफसर नाम दिया जाए। इस पर सरकार का किसी तरह का कोई खर्च नहीं आएगा। ये मांगें शीघ्र पूरी की जाएं। ऐसा नहीं होने पर आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
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