संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। ग्रैप-4 की पाबंदी के चलते करीब 30 हजार दिहाड़ी मजदूर प्रभावित हुए हैं। जिले के फ्लाईओवर, भवनों, सड़कों का निर्माण और तालाबों के सुंदरीकरण का कार्य ठप हो चुका है। इसके चलते पिछले सप्ताह ही दूसरे राज्यों से आए श्रमिकों के सामने काम का संकट पैदा हो गया है।
दिसंबर के पहले सप्ताह में ग्रैप-4 की पाबंदियां हटने के बाद निर्माण कार्य पटरी पर आने लगे थे। अब दोबारा ग्रैप-4 की पाबंदी लागू होने से विकास कार्य बंद हो चुके हैं। ऐसे में कोई भी ठेकेदार नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य करवाने की हिम्मत नहीं दिखा सकता है। फिलहाल ग्रैप 4 की पाबंदियां कब समाप्त होगी, इसे लेकर अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। 200 करोड़ से अधिक के विकास कार्य रुके हुए हैं।
धारूहेड़ा में भवन निर्माण का कार्य करने वाले श्रमिक राजकुमार, मुकेश, सुनील ने बताया कि पिछले सप्ताह ही वह कार्य करने के लिए यहां आए थे। क्योंकि ग्रैप-4 की पाबंदियां जब नवंबर के 17 तारीख को लगी थी, तब वह अपने गांव के लौट गए थे। वह मूल रूप से सभी बिहार के रहने वाले हैं। अब फिर से ग्रैप-4 की पाबंदी लग चुकी है। ऐसे में काफी समस्या हो रही है। अगर पाबंदियां नहीं हटी तो दोबारा से अपने गांव जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
वर्जन:
ग्रैप की पाबंदियां की पालना बहुत जरूरी है। प्रदूषण को कम करने के लिए ही यह पाबंदियां लगाई जाती हैं। इस दौरान अगर कोई ग्रैप की पाबंदियों का पालन नहीं करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। -हरीश, आरओ, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रेवाड़ी