संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। यात्रियों की सुविधा के लिए रेवाड़ी डिपो के बेड़े में 30 और नई एसी व नॉन एसी बसें शामिल होने की उम्मीद है। इसके लिए जीएम ने निदेशालय को प्रस्ताव भेजा है।
चर्चा है कि प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई है और बसें अलॉटमेंट करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है, लेकिन अभी ऑफिशियल लिखित पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। रोडवेज को इस पत्र का इंतजार है। यह भी कहा जा रहा है कि अप्रैल तक बेड़े में बसें आनी शुरू हो जाएंगी। यह बसें जयपुर, चंडीगढ़, दिल्ली समेत छोटे रूट पर चलाई जाएंगी। तीस बसों में 10 वातानुकूलित होंगी।
रेवाड़ी रोडवेज डिपो का बेड़ा 177 बसों का निर्धारित किया गया है, जबकि बेड़े में कुल 152 बसें ही शामिल हैं। इनमें से 140 से अधिक बसें प्रतिदिन रूट पर चल रही हैं। डिपो को पिछले साल जितनी बसें मिलीं लेकिन उतनी ही बसें कंडम (ऑफ रूट) भी हो चुकी हैं। हालांकि, इस दौरान डिपो को अलग से 5 इलेक्ट्रिक बसें भी मिली हैं, लेकिन विभाग ने उनका बेड़ा अलग से बनाया हुआ है, जिसके चलते फिलहाल 153 ही बेड़े में बसें शामिल हैं। मगर अब 30 बसों की और डिमांड भेजी है, जिनमें 10 एसी और 20 बसें नॉन एसी शामिल हैं, यानी कुल 30 बसें शामिल हैं, जिन्हें मंजूरी मिलने की चर्चाएं चल रही हैं, हालांकि अभी ऑफिशियल पत्र नहीं आया है, जिसके आने के बाद ही कंफर्म हो सकेगा। मंजूरी मिली तो अप्रैल से बसें आनी शुरू हो जाएंगी।
रोडवेज के मुताबिक 30 बसें मिलने पर रेवाड़ी से जयपुर, रेवाड़ी से चंडीगढ़, रेवाड़ी से दिल्ली और महेंद्रगढ़, नारनौल, रोहतक, झज्जर, पटौदी रूट पर चलाई जाएंगी। सभी बसें लंबे रूटों के साथ-साथ छोटे रूट को कवर करेंगी जिसके चलते यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी। इससे यात्रियों को अधिक समय तक बस का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और कम समय में ही फेरे शुरू हो जाएंगे।
अब 182 बसों का हो जाएगा बेड़ा
रोडवेज के मुताबिक अगर 30 बसों को विभाग की ओर से मंजूरी प्रदान की जाती है तो बड़े में 182 बसें हो जाएंगी। फिलहाल रोडवेज के पास 152 बसें शामिल हैं, जिनमें से 140 के करीब बसें रूट पर प्रतिदिन यात्रियों को लाने और ले जाने का काम कर रही हैं। हालांकि कुछ बसों के चक्कर मिस भी हो जाते हैं, लेकिन अधिकतर बसें चल चल रही हैं। इस बार महाप्रबंधक की ओर से एसी और नॉन एसी बसों की मांग की गई है, जो जल्द मिलने की उम्मीद है। हिसार, बैजनाथ और कई रूट पर बसों का संचालन फिलहाल रुका हुआ है, क्योंकि बसों की कमी की वजह से संचालन सभी रूटों पर नहीं हो पा रहा है। इन बसों के आने से मेहंदीपुर बालाजी, समेत कई धार्मिक स्थलों और हिसार, बैजनाथ समेत रूटों पर संचालन फिर से शुरू हो जाएगा।
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वर्जन
रेवाड़ी डिपो की ओर से 30 बसों की डिमांड की गई है, जिनमें 10 बसें एसी और 20 बसों नॉन एसी की शामिल हैं। इन बसों के आने से यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी। बसों को मंजूरी मिलने की अभी ऑफिशियल रूप से लिखित में कोई सूचना नहीं है, विभाग की ओर से भी कोई पत्र नहीं भेजा गया। पत्र मिलते ही सूचना दी जाएगी। बसों को चलाकर यात्रियों को सुविधा दी जाएगी।- देवदत्त, रोडवेज महाप्रबंधक रेवाड़ी।