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सबसे ज्यादा खतरनाक महीनों में है सितंबर

Fri, 04 Sep 2015 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
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गर्मी को अलविदा कह सर्दी की ओर कदम बढ़ाने वाला सितंबर का महीना रेवाड़ी जिले के लोगों को लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है। शायद यह सुन आप चौंक जाएं लेकिन हकीकत यही है।
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 बात चाहे भूकंप की हो या फिर महामारी, सूखा या केमिकल दुर्घटना। अनेक ऐसी आपदाएं हैं तो सितंबर के महीने में सबसे ज्यादा होने की आशंका है। हालांकि सितंबर के बाद आने वाले अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक भी कम मुश्किल भरे नहीं है लेकिन सितंबर महीने में कई दुर्घटनाएं होने की संभावना ज्यादा रहती है।

यह खुलासा प्रशासन की एक रिपोर्ट में हुआ है। इसमें बताया गया है कि रेवाड़ी जिले में किस महीने में कौन सी प्राकृतिक आपदा आ सकती है तो किस महीने में आतंकी हमला होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। जुलाई से लेकर सितंबर तक नौ प्रकार की दुघर्टनाओं के ज्यादा होने का अंदेशा रहता है।
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जानिए किस महीने में किस प्रकार की दुर्घटनाओं की ज्यादा रहती है संभावना
आतंकी हमला: अक्टूबर व नवंबर
भूकंप: सितंबर सहित सभी महीनों में
कैमिकल एक्सीडेंट: सितंबर सहित सभी महीनों में
आगजनी: सितंबर सहित सभी महीनों में
रोड एक्सीडेंट: सितंबर सहित सभी महीनों में
महामारी: जुलाई, अगस्त, सितंबर
पशुओं में महामारी: जुलाई, अगस्त व सितंबर
सूखा: जुलाई, अगस्त व सितंबर
बाढ़: जुलाई, अगस्त व सितंबर
शीत लहर: जनवरी व दिसंबर
ताप की लहर: अप्रैल, मई, जून
गड़गड़ाहट या मूसलाधार बारिश: जनवरी, फरवरी व मार्च

यह भी जानें:
प्रशासन की रिपोर्ट में कुछ महीनों में कुछ दुर्घटनाओं की ज्यादा संभावना है, अन्य कुछ महीनों में भी उनकी संभावना खत्म नहीं होती। अन्य महीनों में भी संभावना रहती है, लेकिन वह कम है।

बात यदि सितंबर की ही करें तो इस महीने में आतंकी हमला भी हो सकता है। साथ ही ताप लहर भी चल सकती है। इसके अलावा जुलाई और अगस्त का भी यही हाल है। आदमी और पशुओं में महामारी भी जुलाई से सितंबर के अलावा अन्य महीनों में भी फैलने की आशंका बनी रहती है। जिले में पूरे साल भर भी सूखा पड़ सकता है।

महकमों को बांटी है जिम्मेदारी
प्रशासन ने रिपोर्ट जारी करने के साथ ही संबंधित महकमों को भी इसके लिए तैयार रहने को कहा है। महामारी फैलने पर स्वास्थ्य विभाग तैयार रहेगा तो बाढ़ आने पर राजस्व विभाग से लेकर स्वास्थ्य विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड आदि तैयार रहेंगे।

इसी प्रकार आतंकी हमले के लिए पुलिस अलर्ट रहेगी तो रोड एक्सीडेंट पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग। इसी प्रकार भूकंप आने पर सभी महकमों को जिम्मेदारी दी गई है।

प्राकृतिक आपदाएं हो या फिर आतंकी हमले की संभावना। सभी को लेकर समय-समय मॉकड्रिल कराई जाती है। कुछ दिन पहले आतंकी हमले को लेकर स्कूल में पुलिस की ओर मॉकड्रिल की गई थी। बाकी सभी महकमों को जिम्मेदारी दी हुई है।
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डा यश गर्ग, उपायुक्त
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